Palamu News: सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के बावजूद नहीं रुक रही परीक्षाओं में धांधली
उच्च शिक्षित युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी दर पर जताई चिंता
गढ़वा परिसदन में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने प्रेस वार्ता आयोजित कर देश में बढ़ते पेपर लीक मामलों और युवा बेरोजगारी पर गहरी चिंता जताई। कांग्रेस नेताओं ने हालिया नीट व अन्य परीक्षाओं में हुई धांधली का हवाला देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और शिक्षा बजट में बढ़ोतरी की मांग की है।
पलामू: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में शनिवार को गढ़वा परिसदन (सर्किट हाउस) में एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को मुख्य रूप से प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह, मृदुल राज, गढ़वा जिलाध्यक्ष ओबैदुल्लाह हक अंसारी, वरिष्ठ नेता सुरेंद्रनाथ तिवारी और सुधीर कुमार चंद्रवंशी ने संबोधित किया। वक्ताओं ने देश में परीक्षाओं की बदहाली, लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला।
कानून बनने के बाद भी नहीं रुक रहे पेपर लीक: ऋषीकेश सिंह
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने कहा कि साल 2014 से 2024 के बीच देश में लगभग 89 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिसके कारण 48 बार परीक्षाओं को दोबारा कराना पड़ा। उन्होंने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि महज 5 वर्षों में 15 राज्यों के भीतर 41 पेपर लीक हुए, जिससे सिर्फ 1 लाख पदों के लिए संघर्ष कर रहे करीब 1.4 करोड़ अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में लटक गया।

चार बड़ी परीक्षाओं से 1 करोड़ से ज्यादा छात्र प्रभावित: मृदुल राज

इसी तरह यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2024 का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिससे 48 लाख छात्र प्रभावित हुए। इसके अलावा, सीटेट (CTET 2021) पेपर लीक से 28 लाख से अधिक उम्मीदवारों को झटका लगा और यूजीसी नेट 2024 परीक्षा को तो होने के अगले ही दिन रद्द करना पड़ा, जिससे 11 लाख छात्र प्रभावित हुए।
लाखों पद खाली, भर्तियों की रफ्तार कछुआ चाल
कांग्रेस नेताओं ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 1 मार्च 2023 तक केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 9,64,359 पद खाली पड़े थे। वहीं, 1 जुलाई 2024 तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में भी 84,106 वैकेंसियां थीं। रेलवे भर्ती का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2004-14 के बीच जहां 4.11 लाख भर्तियां हुईं, वहीं 2014-24 के बीच यह आंकड़ा मामूली बढ़त के साथ सिर्फ 5.02 लाख तक पहुंच सका, जबकि नौकरी चाहने वाले आवेदकों की संख्या इस दौरान करोड़ों में पहुंच चुकी है।
उच्च शिक्षित युवा सबसे ज्यादा बेरोजगार, बढ़ रहे सुसाइड के मामले
वक्ताओं ने कहा कि देश में 15-29 वर्ष के युवाओं में बेरोजगारी दर सामान्य स्थिति में 10.2 प्रतिशत और साप्ताहिक आधार पर 13.8 प्रतिशत है। माध्यमिक या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त युवाओं में यह दर 6.5 प्रतिशत है। स्वतंत्र शोध बताते हैं कि आज देश में सबसे ज्यादा बेरोजगार वही हैं जो उच्च शिक्षित (स्नातक और स्नातकोत्तर) हैं।
सिस्टम की इस नाकामी की सबसे दर्दनाक कीमत देश के छात्र अपनी जान देकर चुका रहे हैं। वर्ष 2022 में देश के कुल सुसाइड केसों में से 7.6 प्रतिशत यानी लगभग 13,000 छात्रों के थे। सितंबर 2025 में जारी 2023 की रिपोर्ट में यह आंकड़ा और भी भयावह होकर अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। कोटा, त्रिशूर और चेन्नई जैसे प्रमुख कोचिंग सेंटरों में छात्रों की आत्महत्याओं के क्लस्टर देखे जा रहे हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही कांग्रेस ने मांग की है कि शिक्षा के स्तर में सुधार किया जाए, युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएं और इसके लिए केंद्रीय शिक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी की जाए।
ये रहे उपस्थित:
इस प्रेस वार्ता में जिला उपाध्यक्ष त्रिपुरारी सिंह, जिला महासचिव योगेन्द्रनाथ चौबे, बृजेंद्र चौधरी, सुनील कालिया, अक्षय राम, क्यामुद्दीन अंसारी, नसीम अंसारी, जवाहर चौधरी, सचिन शर्मा, पिंटू कुमार सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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