Koderma News: नन्हे कान्हा-राधा की मनमोहक छटा से सजा मंजुला शर्मा मेमोरियल एकेडमी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल
नन्हे विद्यार्थियों ने कृष्ण, राधा, बलराम और सुदामा की वेशभूषा में मनमोहक प्रस्तुति दी
कोडरमा के डोमचांच स्थित मंजुला शर्मा मेमोरियल एकेडमी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी भगवान श्रीकृष्ण, राधा, बलराम, सुदामा समेत विभिन्न पौराणिक पात्रों की आकर्षक वेशभूषा में नजर आए। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर को ब्रजधाम जैसा बना दिया। विद्यालय अध्यक्ष प्रो. डॉ. के.पी. शर्मा, निदेशक राजनिश, एडमिनिस्ट्रेटर आर.पी. पांडेय और प्रधानाचार्य अभिषेक कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के जीवन, कर्म, सत्य, धर्म और कर्तव्य के आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
कोडरमा: मंजुला शर्मा मेमोरियल एकेडमी, डोमचांच में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति अपनी गहरी आस्था का परिचय दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चे रहे, जिन्होंने भगवान श्रीकृष्ण, राधा, बलराम, सुदामा तथा अन्य पौराणिक पात्रों की आकर्षक एवं मनोहारी वेशभूषा धारण कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों की मासूम मुस्कान, मनमोहक प्रस्तुति एवं जीवंत अभिनय ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो संपूर्ण विद्यालय परिसर ब्रजधाम की अनुपम छटा से आलोकित हो उठा हो।विद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर आर.पी. पांडेय ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व नेतृत्व, विवेक, साहस एवं कर्तव्यपरायणता का अद्भुत संगम है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन की चुनौतियों का सामना धैर्य एवं आत्मविश्वास के साथ करने का आह्वान किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अभिषेक कुमार पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन हमें यह संदेश देता है कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, सत्य और धर्म का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने गीता के अमर संदेश “यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत…” का उल्लेख करते हुए कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब ईश्वर मानवता के कल्याण एवं धर्म की पुनर्स्थापना के लिए अवतरित होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में अनुशासन, परिश्रम, सदाचार एवं मानवीय मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान बच्चों की मनोहारी वेशभूषा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यालय में भक्ति, संस्कृति और नैतिक मूल्यों का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के भीतर भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता एवं नैतिक आदर्शों के प्रति सम्मान और जागरूकता का संचार किया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण अलख सिंह, ऋषि राज, राजन मेहता, प्रीति चौधरी, संजीत शर्मा, आशीष कुमार, आर्ची, रिया, अमिता रे, निशा, हुमैरा एवं अहसान अली उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का समापन भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष एवं इस संकल्प के साथ हुआ कि सभी विद्यार्थी उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए सत्य, धर्म, प्रेम, करुणा एवं मानवता के मार्ग पर अग्रसर रहेंगे।
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