Hazaribagh News: डीसी ने जनता दरबार में सुनी फरियादियों की समस्याएं, मौके पर दिए समाधान के निर्देश
प्रशासन का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित सामाधान करना: डीसी
हजारीबाग: समाहरणालय परिसर में उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर उपस्थित हुए. उपायुक्त ने एक-एक कर सभी फरियादियों की बातों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल टेलीफोन के माध्यम से आवश्यक निर्देश भी दिए.
जनता दरबार के दौरान प्राप्त शिकायतों में पेंशन स्वीकृति, राशन कार्ड में त्रुटि, पीएम आवास, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति,भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद एवं चिकित्सा सुविधा से संबंधित मामले प्रमुख रूप से सामने आए. उपायुक्त ने सभी मामलों को संवेदनशीलता से लेते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने को कहा.
आज आए मामलें

सदर प्रखंड निवासी योगेंद्र कुमार ने एक व्यक्ति द्वारा नगर निगम की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर दुकान का निर्माण कर व्यापार करने के संबंध में शिकायत की इस पर उपायुक्त ने नगर आयुक्त को गंभीरता से इस मामले की जांच करने एवं तत्काल जांच कर विधिसम्मत कारवाई करने का निर्देश दिया.
सेवानिवृत पेंशन भोगी परमेश्वर राम की पत्नी ने पति के द्वारा पेंशन की राशि से केवल नशा करने एवं परिवार का ख्याल न रखने के संबंध में पेंशन की आधी राशि पत्नी के खाते में भुगतान करवाने के संबंध में उपायुक्त के समक्ष आवेदन दिया, इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारी से वार्ता कर अग्रेत्तर न्यायोचित निर्णय की बात कही.
ललन प्रसाद साहू, नगवां चौपारण निवासी ने एलपीसी निर्गत करने के संबंध में आवेदन दिया, उपायुक्त ने सीओ चौपारण को इस मामले में जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया.
सदर निवासी अमल अजित सोरेन ने पार्टीशन सूट के उपरांत निर्णय के आलोक में जमीन मापी करवाने का अनुरोध किया. उपायुक्त ने इस आवेदन को विधि शाखा को हस्तांतरित कर निर्देश दिया.
उपायुक्त के पहल पर आम नागरिकों को न्याय सुलभ कराने के उद्देश्य से निःशुल्क न्यायिक परामर्श एवं मुकदमा लड़ने की सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), हजारीबाग के एक अधिवक्ता को सम्बद्ध किया है,ताकि जनता दरबार में आने वाले विशेष रूप से गरीब, वंचित, महिला, वृद्ध, दिव्यांग तथा अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग तथा वैसे लोग जिनके पास कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए संसाधन नहीं हैं, उन्हें यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.
इस सेवा के अंतर्गत निःशुल्क विधिक परामर्श,मुकदमा दाखिल करने में सहायता,न्यायालय में केस लड़ने हेतु अधिवक्ता की नियुक्ति,सामाजिक न्याय से संबंधित मामलों में विशेष प्राथमिकता दी जाती है.
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान करना है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें
