Hazaribagh News: अंबा प्रसाद के भाई के ऊपर उग्रवादी समूह के साथ संलिप्तता के आरोप, पूर्व विधायक ने दी सफाई
इन्होंने यह भी कहा है कि खुद उनके घर में 400 पुलिस पहुंची थी उनके बॉडीगार्ड और ड्राइवर को भी जेल भेज दिया गया है।
हजारीबाग: ईडी का शिकंजा बड़कागांव पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के भाई अंकित राज के ऊपर भी कसता जा रहा है। सोशल मीडिया एक्स पर ईडी ने जानकारी साझा करते हुए बताया है कि झारखंड टाइगर ग्रुप के रूप में ज्ञात एक उग्रवादी समूह को संचालित करने में भी उनका संलिप्तता है। इस पूरे मामले पर पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके भाई को फंसा रही है।
झारखंड के राजनीति में इन दिनों बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का पूरा परिवार सुर्खियों में है। ईडी ने अंबा प्रसाद के भाई अंकित राज पर जबरन वसूली, अवैध रेत खनन, सरकारी काम में बाधा डालने और झारखंड टाइगर ग्रुप के रूप में ज्ञात एक उग्रवादी समूह को संचालित करने से संबंधित एक मामले में पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत अंकित राज से संबंधित 3.02 करोड़ रुपये मूल्य की तीस (30) चल / अचल संपत्तियों को 14/08/2025 को अनंतिम रूप से कुर्क है. इस मामले पर अंबा प्रसाद ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि जब बड़े लोगों से लड़ाई होती है तो ऐसे छोटे-छोटे आरोप का सामना करना पड़ता है। अपने भाई के प्रति उन्होंने कहा कि उनका भाई काफी सीधा है और राजनीति में भी दिलचस्पी नहीं रखता है। ईडी ने उसे झारखंड टाइगर ग्रुप से जोड़ दिया है यह हंसी की बात है।

अंबा प्रसाद ने हजारीबाग अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इन्होंने कहा कि बड़का गांव में पिछले दिनों पुलिस में रैयतों को गिरफ्तार किया था. उनके साथ बेरहमी से मारपीट कर दो दिनों तक थाने में रखा गया। कोर्ट में पेश किया गया तो से मजिस्ट्रेट को रैयतों ने चोट का निशान दिखाया है. रैयतों ने बताया उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई है। इस पर कोर्ट ने एसपी और डीजीपी को नोटिस जारी किया है।
इन्होंने कहा कि 10 थाना की पुलिस विस्थापितों को गिरफ्तार करने पहुंचती है इससे यह प्रतीत होता है कि यह विस्थापित रैयत नहीं बल्कि गुंडे हैं। इन्होंने यह भी कहा है कि खुद उनके घर में 400 पुलिस पहुंची थी उनके बॉडीगार्ड और ड्राइवर को भी जेल भेज दिया गया है।
ऋत्विक कंपनी के आरोप पर उन्होंने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कंपनी ने आरोप लगाया था कि 14 अगस्त को हैदराबाद और 7 तारीख को दिल्ली में ऋतिक कंपनी के मालिक सीएम रमेश से मिली है। इसके बाद सीएम रमेश पर आरोप लगाती हैं कि उन्होंने फोन कॉल के माध्यम से धमकी दिया है। रैयतों ने बताया उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई है। इस पर कोर्ट ने एसपी और डीजीपी को नोटिस जारी किया है।
इन्होंने कहा कि 10 थाना की पुलिस विस्थापितों को गिरफ्तार करने पहुंचती है इससे यह प्रतीत होता है कि यह विस्थापित रैयत नहीं बल्कि गुंडे हैं। इन्होंने यह भी कहा है कि खुद उनके घर में 400 पुलिस पहुंची थी उनके बॉडीगार्ड और ड्राइवर को भी जेल भेज दिया गया है।
ऋत्विक कंपनी के आरोप पर उन्होंने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कंपनी ने आरोप लगाया था कि 14 अगस्त को हैदराबाद और 7 तारीख को दिल्ली में ऋतिक कंपनी के मालिक सीएम रमेश से मिली है। इसके बाद सीएम रमेश पर आरोप लगाती हैं कि उन्होंने फोन कॉल के माध्यम से धमकी दिया है।
