AC कोच की सफेद चादरों से यात्रियों में डर, रेलवे बोर्ड ने लिया बड़ा फैसला
सुनील खंडेलवाल के पत्र पर रेलवे बोर्ड ने लिया संज्ञान
भारतीय रेलवे के वातानुकूलित (AC) कोचों में उपयोग होने वाली सफेद चादरों को लेकर यात्रियों में भय और मानसिक असहजता की शिकायत सामने आई है। सामाजिक एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील कुमार खंडेलवाल ने इस मुद्दे को रेलवे बोर्ड तक पहुंचाया, जिसके बाद बोर्ड ने मामले का संज्ञान लिया है।
गिरिडीह: भारतीय रेलवे के वातानुकूलित (AC) डिब्बों में यात्रियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सफेद चादरों के कारण उत्पन्न हो रही मानसिक असहजता एवं भय के मुद्दे पर अब रेलवे बोर्ड ने संज्ञान ले लिया है।
सामाजिक एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील कुमार खंडेलवाल द्वारा इस संबंध में रेलवे बोर्ड को एक विस्तृत पत्र भेजकर यात्रियों की मनोवैज्ञानिक समस्याओं एवं यात्रा अनुभव से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को उठाया गया था।


सुनील कुमार खंडेलवाल ने अपने सुझाव में रेलवे से अनुरोध किया है कि सफेद चादरों के स्थान पर हल्के नीले, क्रीम, हल्के ग्रे अथवा अन्य सौम्य एवं आरामदायक रंगों की चादरों के उपयोग पर विचार किया जाए, ताकि यात्रियों को मानसिक रूप से अधिक सहज एवं सुरक्षित महसूस हो सके। साथ ही यात्रियों की राय जानने हेतु रेलवे द्वारा सर्वे एवं फीडबैक व्यवस्था शुरू करने का भी सुझाव दिया गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे केवल एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं एवं दैनिक जीवन से जुड़ी व्यवस्था है। ऐसे में यात्रियों के मानसिक अनुभव एवं छोटे-छोटे आरामदायक पहलुओं पर ध्यान देना रेलवे की सकारात्मक एवं आधुनिक सोच को और मजबूत करेगा।
इस पहल को लेकर सोशल मीडिया एवं आम यात्रियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है तथा बड़ी संख्या में लोग इसे यात्रियों की सुविधा एवं मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा मान रहे हैं।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


