जमुआ पशुपालन कार्यालय में ताला, तड़प रहे मवेशी और दर-दर भटक रहे बेबस किसान
कृत्रिम गर्भाधान, गर्भ जांच और टीकाकरण पूरी तरह ठप
गिरिडीह के जमुआ प्रखंड पशुपालन कार्यालय में लगातार ताला लटके रहने से स्थानीय पशुपालक और किसान बेहद परेशान हैं। भीषण गर्मी और आगामी बरसात के मौसम में मवेशियों के इलाज, टीकाकरण और गर्भाधान जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं ठप होने से ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
गिरिडीह: प्रखंड मुख्यालय का पशुपालन कार्यालय अब किसानों के लिए उम्मीद नहीं, मायूसी का पता बन गया है। यहां ताला लटका रहना आम बात है। नतीजा - बीमार गाय-भैंस तड़पती हैं और किसान दर-दर भटकते हैं। कार्यालय के बाहर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है: "गाय-भैंस के गर्भाधान और गर्भ जांच की सुविधा उपलब्ध"। पर अंदर दवाएं अलमारी में शोभा बढ़ा रही हैं और देने वाला कोई नहीं।
10 बजे पहुंचे, 3 बजे तक ताला
सदूर गांव के किसान इस्माइल अंसारी ने अपनी भैंस की दवा लेने सुबह 10 बजे पहुंचे। दोपहर 3 बजे तक लौटते रहे, पर ताला नहीं खुला। उन्होंने कहा, "सरकार कहती है पशुपालन से कमाई करो। पर यहां इलाज ही नहीं मिलेगा तो कमाई क्या होगी? रोज यही हाल है।" जर्जर भवन, बंद दरवाजा और मायूस किसानों का झुंड - यही अब जमुआ पशुपालन कार्यालय की पहचान बन गई है।
'जिला बैठक थी' - पदाधिकारी, 'रोज बहाना है': ग्रामीण

पशुपालकों में जबरदस्त रोष

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