Giridih News: सड़क नहीं तो आंदोलन: जर्जर स्टेशन रोड को लेकर भड़के युवा, राजेश सिन्हा के नेतृत्व में किया प्रदर्शन
सलैया और न्यू गिरिडीह स्टेशन रोड की हालत जर्जर
सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिन्हा के नेतृत्व में युवाओं ने सलैया और न्यू गिरिडीह स्टेशन रोड की जर्जर स्थिति के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण और ट्रेन ठहराव की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो चरणबद्ध बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
गिरिडीह: "सलैया स्टेशन रोड और न्यू गिरिडीह स्टेशन रोड, जल्द बनाना होगा, वरना चरणबद्ध आंदोलन होगा।" यह चेतावनी दी है सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिन्हा ने। रविवार को सलैया रेलवे स्टेशन रोड की जर्जर हालत के विरोध में दर्जनों युवाओं ने राजेश सिन्हा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर रेलवे और बड़े नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
एक सप्ताह पहले बनी थी रणनीति
सलैया स्टेशन रोड की बदहाली को लेकर सभी प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक सप्ताह पहले बैठक कर 10 मई को विरोध का दिन तय किया था। उसी क्रम में रविवार को दर्जनों सामाजिक सोच वाले युवा सलैया स्टेशन रोड पर एकत्रित हुए। यहां की समस्याओं पर चर्चा के बाद युवाओं ने नारे लिखे पोस्टर लेकर मार्च किया और जगह-जगह रेलवे विरोधी नारे लगाए।
'बड़ा हादसा होना तय, रोज छोटी घटनाएं हो रही हैं'
'दोनों सांसदों ने नहीं लिया इंट्रेस्ट'

'ट्रेन रोकने का वादा भी अधूरा'
सलैया स्टेशन के आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि कुछ ट्रेनों के ठहराव की बात थी, वह भी पूरी नहीं हुई। "सिर्फ फॉर्मेलिटी कर सभी निकल गए। जनता अवाक है।" सिन्हा ने कहा, "हम रेलवे के साथ ही दोनों सांसदों का भी विरोध करते हैं। उन तक बात पहुंचाई गई, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। जो लोग गए थे, सभी निराश हैं।" उन्होंने बस यात्रियों से भी अपील की, "इस आंदोलन में आप भी साथ रहिए। यह अभी सांकेतिक है, बाद में बड़ा आंदोलन करने के मूड में हैं।"
'आंदोलन ही एकमात्र उपाय'
तुलसी राणा और कन्हैया खेतान ने कहा, "रेलवे कोई बात सुनना पसंद नहीं करता। इसका एक ही उपाय है आंदोलन। लोकल लोगों को लगना होगा। घर में किसी पार्टी के सदस्य भले रहिए, पर जब आपकी पार्टी काम नहीं करती तो उसे भी जवाब देने की जरूरत है।" कन्हैया ने बताया कि ट्रेन ठहराव की मांग को लेकर युवा रेल मंत्री और दोनों सांसदों से मिले थे, पर किसी ने इंट्रेस्ट नहीं लिया। सलैया स्टेशन का नाम बदलकर पचंबा रखने की मांग भी उठाई गई।
अभय राम और दीपालोक ने कहा कि रेलवे जल्द संज्ञान ले, वरना ग्रामीणों को एकत्रित कर बड़े आंदोलन की ओर जाएंगे। फुटबॉल रेफरी मनूवर ने कहा, "सब सुधर जाएगा, आंदोलन होकर रहेगा।" सुनील कुमार और निरंजन कुमार राय ने कहा कि स्कूल बस और मालवाहक वाहनों का हाल बेहाल है। "बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। जल्द संज्ञान लेकर रेल मंत्री के पास भी जाने का प्लान करेंगे।"
प्रदर्शन में निरंजन कुमार, विक्रम कुमार, नकुल साहू, मुन्ना राम, गुड्डू कुमार, कृपालु पांडेय, छोटेलाल राणा, सुनील वर्मा समेत दर्जनों युवा शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे घर-घर जाकर ग्रामीणों को आंदोलन से जोड़ेंगे।
