Giridih News: उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक की, सड़क दुर्घटनाएं रोकना प्रशासन की प्राथमिकता
सटीक आंकड़ों के लिए iRAD पोर्टल का प्रभावी उपयोग अनिवार्य
गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ब्लैक स्पॉट की पहचान और सुधारात्मक कदमों पर चर्चा की, 'गुड सेमेरिटन' जाकिर हुसैन को उत्कृष्ट मानवीय सेवा के लिए ₹2000 देकर सम्मानित किया, हिट एंड रन मामलों में त्वरित कार्रवाई और iRAD पोर्टल पर शत-प्रतिशत एंट्री के निर्देश दिए, साथ ही यातायात नियमों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और स्कूलों में शिक्षा कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया।
गिरिडीह: उपायुक्त, रामनिवास यादव ने आज अपने कार्यालय प्रकोष्ठ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिला परिवहन पदाधिकारी, संतोष कुमार, यातायात डीएसपी, कौशर अली, वीसी से जुड़े सभी अंचलाधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारियों के साथ सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की। बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करें तथा नियमित रूप से निरीक्षण सुनिश्चित करें।


उपायुक्त ने यातायात नियमों के पालन को लेकर जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, तेज गति और नशे में वाहन चलाने जैसी लापरवाहियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। इसके लिए नियमित जांच अभियान चलाने तथा आमजन को जागरूक करने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे आम नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ करें तथा जिले में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएं।

