Giridih News: अरगाघाट पुल जर्जर, लगभग एक साल बाद भी मरम्मत का कार्यादेश नहीं
तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन के बाद भी लगभग एक साल से कार्यादेश का इंतजार
गिरिडीह के अरगाघाट पुल की जर्जर स्थिति पर विभागीय उदासीनता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तकनीकी स्वीकृति के बावजूद लगभग एक वर्ष बाद भी मरम्मत का कार्यादेश जारी नहीं हुआ है।
गिरिडीह: गिरिडीह शहर को सिरसिया, पाण्डेयडीह, महेशमुंडा, जामताड़ा सहित गिरिडीह-मधुपुर मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले अरगाघाट पुल की जर्जर होती स्थिति अब गंभीर चिंता का विषय बन गई है। पुल की स्थिति लगातार बद से बदतर होती जा रही है और इसके बावजूद इसकी मरम्मत के लिए अब तक कार्यादेश जारी नहीं हो पाना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
शहर के सामाजिक एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल के द्वारा इस संबंध में दर्ज शिकायत में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि पुल की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। पुल के किनारे बनी रेलिंग का बड़ा हिस्सा टूट चुका है, सड़क की सतह जगह-जगह क्षतिग्रस्त है तथा पुल की संरचनात्मक कमजोरियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इस पुल से आवागमन करते हैं। ऐसे में पुल की वर्तमान स्थिति किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रही है।सुनील खंडेलवाल ने बताया कि इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि उन्हें जिस पत्र के माध्यम से जो जानकारी दी गई है, उस संबंधित पत्र पर 03 जुलाई, 2026 की तारीख अंकित है, जबकि उक्त पत्र उन्हें 09 सितंबर, 2026 को प्रेषित किया गया। यानी पत्र पर अंकित तारीख और उसके वास्तविक प्रेषण की तारीख में लगभग दो महीने का अंतर है। ऐसे में यह भी सवाल उठता है कि यदि मामला इतना गंभीर था तो पत्र के प्रेषण में इतना विलंब क्यों हुआ।
जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले में अब केवल पत्राचार और आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं। अरगाघाट पुल की वास्तविक स्थिति को देखते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण, आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था तथा मरम्मत कार्य के लिए स्पष्ट समय-सीमा के साथ कार्यादेश जारी किया जाना आवश्यक है।
इस मामले में मांग की गई है कि:
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अरगाघाट पुल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति की सार्वजनिक जानकारी दी जाए।
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पुल पर बढ़ते खतरे को देखते हुए अस्थायी सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाएं।
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पुल के पुनर्निर्माण/मरम्मत कार्य का कार्यादेश अविलंब जारी कर कार्य प्रारंभ कराया जाए तथा इसकी स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए।
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इतने गंभीर जनहित के मामले में हुई देरी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
खंडेलवाल ने आगे कहा है कि जनता की सुरक्षा से जुड़े इस अति संवेदनशील मामले में अब किसी और दुर्घटना का इंतजार नहीं किया जा सकता। प्रशासन एवं संबंधित विभाग से अपेक्षा है कि अरगाघाट पुल की गंभीर स्थिति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
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