Bokaro News: डीपीएस में 37वीं आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न
चार राज्यों के 1400 छात्र हुए शामिल
दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो में आयोजित 37वीं आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में बीएसएल निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने 45 विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। समारोह में चार राज्यों के 1400 प्रतिभागियों में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को विनर्स ट्रॉफी सौंपी गई।
बोकारो: भारत आविष्कारकों की धरती रही है, जहां आर्यभट्ट जैसे महान गणितज्ञ व ज्योतिषविद हुए हैं। प्राचीन ज्योतिष व गणित विज्ञान आज की तुलना में काफी आगे था। उस दौर में आज की तरह मोबाइल, गूगल जैसी कोई सहायक तकनीक या सुविधा नहीं थी, फिर भी हमारे हमारे पुरोधा सोचते थे, खोज करते थे और लिखते थे। उनमें युवा ही सबसे अधिक थे।
विद्यार्थियों में भी उन्हीं की तरह वास्तविक ज्ञान के प्रति भूख जरूरी है। बच्चे अपनी क्षमता को पहचानें और उसे निखारकर आर्यभट्ट की तरह बनें, जिससे कि पूरा संसार उन पर गर्व कर सके। ये बातें बोकारो इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने गुरुवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो में आयोजित आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहीं।

इसके तहत जूनियर और मिडिल कैटेगरी में हेम शीला मॉडल स्कूल, दुर्गापुर तथा सीनियर वर्ग में चिन्मय विद्यालय, बोकारो को विनर्स ट्रॉफी सुपुर्द की गई। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि प्रिय रंजन एवं डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने ट्रॉफी एवं स्थानानुसार पारितोषिक राशि का चेक देकर पुरस्कृत किया गया। इसके पूर्व, आरंभ में सभी का स्वागत करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं दीं तथा उत्कृष्टता का यह क्रम आगे भी बरकरार रखने की प्रेरणा दी।
उन्होंने डीपीएस बोकारो द्वारा गणित में बच्चों की तार्किक क्षमता और उनके कौशल को परखने के लिए साढ़े तीन दशक से भी अधिक समय से अनवरत आयोजित की जा रही आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता के उद्देश्य व महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गणित आज के डेटा साइंस के पीछे की भाषा है। इस विषय के प्रति विद्यार्थियों में भय खत्म कर रुचि व आनंद जगाना इस प्रतियोगिता का ध्येय रहा है।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने नृत्य-संगीत की अपनी मनोरम प्रस्तुतियों से सबकी भरपूर सराहना पाई। मुख्य अतिथि के हरित स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत सुमधुर स्वागत गान तथा विद्यालय गीत की सुरीली प्रस्तुति के बाद विद्यालय के जमुना सदन के छात्र-छात्राओं की टोली ने पूर्वोत्तर भारत के लोक-शास्त्रीय मणिपुरी नृत्य और रूस के कलिनका डांस का सुंदर सम्मिश्रण प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
समारोह के दौरान डीपीएस बोकारो की ओर से निःशुल्क संचालित महिला-स्वावलंबन केन्द्र- कोशिश में सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली कई महिलाओं एवं युवतियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि डीआई रंजन ने सामाजिक उत्थान एवं महिला सशक्तीकरण की दिशा में विद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. गंगवार ने मुख्य अतिथि को स्मृति-चिह्न भेंटकर एवं शॉल अलंकृत कर सम्मानित किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
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