Lok Sabha Update: हंगामे के बीच एमएसएमई संशोधन विधेयक लोकसभा से पारित, दोनों सदनों की कार्यवाही 10 अगस्त तक स्थगित
सीपीएसई के लिए टीआरईडीएस मंच का इस्तेमाल अनिवार्य करने का प्रावधान
विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक में सीपीएसई के लिए टीआरईडीएस मंच के उपयोग को अनिवार्य करने, मध्यस्थता और पंचाट के लिए 90 दिन की समय-सीमा तथा कुछ परिस्थितियों में एमएसएमई आपूर्तिकर्ताओं को कम-से-कम 50 प्रतिशत राशि जारी करने जैसे प्रावधान हैं।
नई दिल्ली: विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा ने शुक्रवार को ‘सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके बाद लगातार जारी शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 10 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
हंगामे के बीच लोकसभा से पारित हुआ एमएसएमई संशोधन विधेयक
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1942 में इसी दिन महात्मा गांधी ने देशवासियों को ‘करो या मरो’ का मंत्र दिया था। इसके बाद विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
टीआरईडीएस के इस्तेमाल को किया जाएगा अनिवार्य

एमएसएमई आपूर्तिकर्ताओं को 50 प्रतिशत राशि देने का प्रावधान
विधेयक में प्रावधान किया गया है कि यदि किसी निर्णय को अदालत में छह महीने से अधिक समय तक चुनौती दी जाती है, तो संबंधित एमएसएमई आपूर्तिकर्ता को कम-से-कम 50 प्रतिशत राशि जारी की जाएगी।
इसके अलावा स्वैच्छिक राष्ट्रीय डिजिटल पंजीकरण मंच, छोटे उल्लंघनों के अपराधमुक्तिकरण तथा निवेश और कारोबार के आधार पर एमएसएमई वर्गीकरण के लिए अधिक लचीली व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है।
विपक्ष के हंगामे पर सरकार ने जताई आपत्ति
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के विरोध पर आपत्ति जताते हुए कहा कि विपक्ष सुबह से गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेकर नारेबाजी कर रहा है, जबकि गृह मंत्री प्रतिदिन संसद में उपस्थित रहते हैं। उन्होंने कहा कि सदन में जिस मंत्रालय का कार्य होता है, उसी मंत्री द्वारा उसका उत्तर दिया जाता है।
पोस्टर-बैनर लेकर प्रदर्शन पर पीठासीन सभापति ने जताई आपत्ति
पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने विपक्ष के रवैये पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पोस्टर-बैनर लेकर सदन की कार्यवाही बाधित करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। लगातार हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही 10 अगस्त सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी गृहमंत्री के बयान की मांग को लेकर हंगामा
उधर, राज्यसभा में सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ भारत छोड़ो आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
राज्यसभा में भी विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई। बैठक दोबारा शुरू होने पर प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने गृह मंत्री के बयान की मांग को लेकर नारेबाजी की। लगातार व्यवधान के चलते सभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही भी 10 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
Related Posts


Latest News







