सोनिया गांधी ने दिल्ली के दंगों पर क्या बोला कि भाजपा तिलमिला गयी?
नयी दिल्ली : दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून के समर्थन व विरोध के सवाल पर भड़के दंगों को लेकर आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में पार्टी की कार्यसमिति की एक अहम बैठक हुई. इस बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने बयान दिया. सोनिया गांधी ने कहा कि भाजपा के अनेक नेताओं ने भड़काऊ भाषण देकर डर और नफरत का माहौल फैलाया. ऐसा ही बयान एक भाजपा नेता द्वारा पिछले रविवार को भी दिया गया. सोनिया गांधी ने अमित शाह का नाम लिए बिना कहा कि गृहमंत्री को दिल्ली की हिंसा की जिम्मेवारी लेनी चाहिए और पद से इस्तीफा देना चाहिए.
उन्होंने दिल्ली के दंगों को नियंत्रित करने में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र की मोदी सरकार और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की केजरीवाल सरकार को विफल बताया. सोनिया गांधी के बयान के बाद भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया भी आयी.
भाजपा के अनेक नेताओं ने भड़काऊ भाषण देकर डर और नफरत का माहौल फैलाया। ऐसा ही बयान एक भाजपा नेता द्वारा पिछले रविवार को भी दिया गया : कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी#AmitShahIstifaDo pic.twitter.com/4EDIZNDKCI— Congress (@INCIndia) February 26, 2020
कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर भाजपा के दो प्रमुख नेताओं रविशंकर प्रसाद व प्रकाश जावड़ेकर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. प्रसाद ने कहा कि सोनिया गांधी ने दिल्ली की हिंसा पर जो बयान दिया वह अनुचित है, एक बड़ी पार्टी जिसने 50 साल तक देश पर राज किया है, उसके अध्यक्ष को जिस समय शांति एवं सद्भाव की पहल करनी चाहिए उस समय भी राजनीति की सूझी है. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं इसकी कड़ी आलोचना करता हूं. वहीं, जावड़ेकर ने कहा कि सोनिया गांधी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है, अभी हिंसा समाप्त हो रही है, जांच की शुरुआत हुई है, लोग अस्पतालों में हैं, ऐसे में सभी पार्टियों का काम होता है शांति स्थायी हो, उसमें मदद करें.
सोनिया गांधी ने अपने बयान में कहा कि केंद्र व राज्य दोनों सरकारों की विफलता के कारण देश की राजधानी इस त्रासदी का शिकार बनी है. सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले रविवार को देश के गृहमंत्री और दिल्ली के मुख्यमंत्री कहां थे और क्या कर रहे थे. उन्होंने पूछा कि दिल्ली चुनाव के बाद खुफिया एजेंसियों द्वारा क्या जानकारी दी गयी और उन पर क्या कार्रवाई हुई. रविवार की रात से कितनी पुलिस फोर्स लगायी गयी, जबकि दंगे फैलने की आशंका थी. उन्होंने कहा कि दिल्ली के हालात बेकाबू थे, दिल्ली पुलिस का नियंत्रण नहीं बचा था तो सेंट्रल पैरामिलिट्री बलों को क्यों नहीं बुलाया गया.
उन्होंने कहा कि हर मुहल्ले में शांति समितियों का गठन किया जाना चाहिए, जिसमें सभी समुदायों के सदस्य शामिल हों ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अप्रिय घटना न हो. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सीडब्ल्यूसी सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और हिंसा से पीड़ित लोगों के परिवारों को हर संभव सहायता देने और समुदायों के बीच सौहार्द बनाने का आह्वान करता है.




