Pamban Bridge: समुद्र के ऊपर उड़ती ट्रेन का रोमांच, जानिए भारत के पहले सी रेल ब्रिज की कहानी

Pamban Bridge: समुद्र के ऊपर उड़ती ट्रेन का रोमांच, जानिए भारत के पहले सी रेल ब्रिज की कहानी
पंबन ब्रिज (सभी फ़ोटो स्रोत: सोशल मीडिया)

चेन्नई: तमिलनाडु के रामेश्वरम द्वीप को मुख्यभूमि से जोड़ने वाला पंबन रेलवे ब्रिज भारत का पहला समुद्री रेल पुल है, जहां से गुजरने वाली ट्रेनें यात्रियों को ऐसा लगता है जैसे वे पानी के ऊपर उड़ रही हों। चारों ओर नीला समुद्र, तेज हवाएं और लहरों की थाप के बीच यह सफर किसी साहसिक फिल्म का दृश्य बन जाता है। रामेश्वरम धाम के तीर्थयात्रियों के लिए यह पुल न सिर्फ जरूरी रास्ता है, बल्कि यादगार अनुभव भी।

Photo

ब्रिटिश काल का इंजीनियरिंग चमत्कार

पंबन ब्रिज का निर्माण 1911 में शुरू हुआ और 1914 में इसे चालू कर दिया गया। ब्रिटिश इंजीनियरों ने इसे कैंटिलीवर डिजाइन के साथ बनाया, जिसमें 143 खंभे हैं और कुल लंबाई करीब 2.3 किलोमीटर है। इसकी खासियत एक डबल-लीफ बेसक्यूल सेक्शन है, जो जर्मन इंजीनियर शेरजर के डिजाइन पर आधारित है – यह बीच से खुल जाता था ताकि जहाज आसानी से गुजर सकें। सदी भर से यह पुल चक्रवातों, ऊंची लहरों और खारे पानी का सामना करता रहा।

Photo

Read More.. चुनाव आयोग के ट्वीट पर मचा बवाल, 1 लाइन पढ़ते ही भड़के अरविंद केजरीवाल— जानिए पूरा मामला

1964 का भयानक हादसा और चुनौतियां

1964 के भयंकर चक्रवात में धनुषकोडी बंदरगाह तबाह हो गया और पंबन ब्रिज को भारी नुकसान पहुंचा, जिसमें एक पैसेंजर ट्रेन बह गई थी। फिर भी, इसका लिफ्ट स्पैन बच गया, जो इंजीनियरिंग की ताकत दिखाता है। समय के साथ जंग और मौसम ने इसे कमजोर कर दिया, इसलिए रामेश्वरम आने-जाने वाले रास्ते पर खतरा बढ़ गया। यात्रियों को रूह कांपने वाली वो हलचल अब इतिहास बन चुकी है।

Read More.. "कुछ बड़ा होने वाला है" कोलकाता पर हमले की धमकी के बीच भारत का बड़ा एक्शन

Photo

Read More.. Koderma News: हाजी मुख्तार अहमद का इंतकाल, इलाके में शोक की लहर

नया आधुनिक पुल: मोदी का तोहफा

पुराने पुल की जगह अब 2.07 किलोमीटर लंबा नया पंबन ब्रिज बनकर तैयार है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अप्रैल 2025 को राम नवमी के दिन उद्घाटित किया। 700 करोड़ से ज्यादा लागत से बना यह भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज है, जो 17 मीटर ऊंचा होकर बड़े जहाजों को रास्ता देता है। 80 किमी/घंटा स्पीड वाली ट्रेनें 100 साल तक सुरक्षित चल सकेंगी, भले ही 80 किमी/घंटा हवाएं चलें। रेल विकास निगम लिमिटेड ने इसे कठोर समुद्री हालात के लिए डिजाइन किया।

Photo

रोमांच और धार्मिक महत्व

इस ब्रिज से गुजरना आज भी थ्रिलिंग है नीचे पाल्क स्ट्रेट की लहरें टकराती हैं, हवा तेज चलती है और दूर तक सिर्फ समुद्र दिखता है। रामेश्वरम के भक्तों के लिए यह पुल श्रद्धा का प्रतीक है, जो द्वीप को मंडापम से जोड़ता है। पुराने पुल ने फिल्मों में जगह बनाई, तो नया वाला विकास की मिसाल। पर्यटक इसे देश के सबसे अनोखे इंजीनियरिंग आकर्षणों में गिनते हैं।

Edited By: Samridh Desk
Tags:   

Latest News

'बिहार को नई दिशा और रफ्तार देंगे', नए सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, पीएम और नीतीश को कहा धन्यवाद 'बिहार को नई दिशा और रफ्तार देंगे', नए सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, पीएम और नीतीश को कहा धन्यवाद
Koderma News: कांग्रेस नेताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, “शिक्षित बनो, संगठित रहो” का संदेश
Palamu News: अंबेडकर जयंती पर ऐतिहासिक जनसैलाब, “जय भीम” से गूंजा शहर
Sahebganj News: साक्षरता चौक में श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ का छठा दिन, महामंडलेश्वर ने दिया सनातन धर्म का संदेश
Koderma News: धूमधाम से मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती
Koderma News: JPSC परीक्षा की तैयारी पूरी: 18 केंद्रों पर 7284 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा, DC ने दिए सख्त निर्देश
वायरल ऑडियो ने खोली पोल: बोकारो पुलिस के 'व्यवहार' की हकीकत आई सामने, जांच में दोषी पाई गईं इंस्पेक्टर
बोकारो स्टील प्लांट हादसा: क्रेन से गिरकर संविदा कर्मी की मौत से मचा हड़कंप
Ranchi News: जीजा-साली की मौत या कोई बड़ी साजिश? पुलिस कर रही जांच
Koderma News: हाजी मुख्तार अहमद का इंतकाल, इलाके में शोक की लहर
Giridih News: फसल नुकसान पर ग्रामीणों की बैठक, पशु मालिकों को चेतावनी
Koderma News; मॉडर्न पब्लिक स्कूल में अंबेडकर जयंती पर प्रतियोगिताएं, छात्रों ने दिखाया शानदार प्रदर्शन
Advertisement