दिल्ली बिजनेसमैन अनुरूप गुप्ता की हनी ट्रैप हत्या: निर्मम तरीके से ली जान, इश्क की कैसी दास्तां?
क्राइम डेस्क: राजधानी दिल्ली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां द्वारका इलाके के एक 48 वर्षीय कारोबारी अनुरूप गुप्ता को हनी ट्रैप का शिकार बनाकर पहले अपहरण किया गया और फिर उनकी निर्मम हत्या कर दी गई। अनुरूप गुप्ता द्वारका सेक्टर-14 के राधिका अपार्टमेंट में रहते थे और दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में कैंटीन चलाते थे। घटना 18 फरवरी की है, जब एक युवती ने उन्हें मिलने के बहाने बिंदापुर इलाके में बुलाया। वहां पहुंचते ही युवती के साथी पहले से घात लगाए बैठे थे। उन्होंने अनुरूप को बंधक बना लिया, बुरी तरह पीटा और उनके पास मौजूद सोने के गहने व नकदी लूट ली। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उन पर बैंक अकाउंट से मोटी रकम ट्रांसफर करने का दबाव भी बनाया, लेकिन जब ट्रांजेक्शन में असफलता हाथ लगी और डर सताने लगा, तो उन्होंने अनुरूप को उत्तर प्रदेश ले जाकर मार डाला।

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पुलिस जांच में पता चला कि हत्यारों ने सबूत मिटाने के लिए अनुरूप के शव को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया था। हाथ, पैर और सिर को काटकर अलग-अलग हिस्सों में फेंक दिया गया, ताकि पहचान मुश्किल हो जाए। शव के टुकड़े उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक नदी से बरामद हुए। दिल्ली पुलिस की टीम ने बिंदापुर थाने में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट पर जांच शुरू की और धीरे-धीरे सुराग मिलते गए। ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (वेस्टर्न रेंज) जतिन नरवाल ने बताया कि मामले की तह तक पहुंचने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सभी आरोपियों की पहचान हो चुकी है और एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। रविवार शाम को मथुरा में शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसमें वीडियोग्राफी भी की गई। इसके बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया और वे दिल्ली लौट आए।

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यह घटना हनी ट्रैप के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है, जहां अपराधी महिलाओं का इस्तेमाल करके अमीर लोगों को जाल में फंसाते हैं। अनुरूप गुप्ता जैसे कारोबारी आसानी से निशाना बन जाते हैं, क्योंकि उनके पास नकदी और कीमती सामान होता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, युवती ने अनुरूप से पहले भी संपर्क बनाया था और धीरे-धीरे विश्वास जीता। मिलने के दिन तय जगह पर पहुंचते ही हमला हो गया। लूटपाट के बाद जब पीड़ित ने विरोध किया, तो हालात बिगड़ गए और हत्या तक पहुंच गए। इस तरह के अपराध दिल्ली-एनसीआर में पहले भी देखे गए हैं, लेकिन शव को टुकड़ों में काटकर फेंकने की क्रूरता ने सबको स्तब्ध कर दिया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है, जो संभवत: अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय हैं।
परिजनों का कहना है कि अनुरूप एक मेहनती और परिवार से जुड़े इंसान थे। उनकी अचानक गुमशुदगी से घर में कोहराम मच गया था। जब शव मिला, तो सदमा और गहरा हो गया। पुलिस ने मामले को जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया है और उम्मीद है कि सभी दोषी जल्द सलाखों के पीछे होंगे। यह घटना समाज को सतर्क करती है कि अनजान लोगों से मिलने से पहले सावधानी बरतनी जरूरी है, खासकर सोशल मीडिया या फोन कॉल्स के जरिए बने रिश्तों में। दिल्ली पुलिस की इस जांच से उम्मीद बंधी है कि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगेगा।
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