रांची : रांची से छपने वाले प्रमुख अखबारों में कोरोना वायरस से जुड़ी खबरें ही लगातार प्रमुखता से छापी जा रही है.
प्रभात खबर की लीड खबर का शीर्षक है: लाॅकडाउन के बावजूद भारी संख्या में घर लौट रहे लोग, रहने-खाने की व्यवस्था का निर्देश. अखबार ने लिखा है कि दिल्ली से घर लौटने की आस लिये सैकड़ों लोग सड़क पर निकल आए. अखबार ने यह चिंता जतायी है कि नियमों का पालन नहीं होने से कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो सकता है. अखबार ने खबर दी है कि टाटा समूह कोरोना से लड़ाई के लिए 1500 करोड़ रुपये देगा. इसमें टाटा ट्रस्ट 500 करोड़ और टाटा संस अतिरिक्त 1000 करोड़ रुपये देगा. अखबार ने खबर दी है कि लाॅकडाउन की वजह से पैदल ही मजदूर रेलवे ट्रैक से होकर झारखंड की ओर चल दिए. झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का बयान है कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि बंद अवधि के दौरान की फीस व बस किराया स्कूल नहीं वसूलें. उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों से सरकार बात करेगी और जरूरत के अनुसार दिशा निर्देश जारी करेगी. एक खबर है कि थैलिसीमिया मरीजों की जान आफत में है, वे बाइक से 100 किमी की दूरी तय कर रिम्स पहुंच रहे हैं. रांची से सटे दूध उत्पादक इलाके ठाकुरगांव की खबर है कि वहां के किसानों ने दूध को नाली में बहाया, क्योंकि बंद के कारण 10 रुपये किलो भी कोई दूध नहीं खरीद रहा है. अखबार ने खबर दी है कि 1987 बैच के आइएएस अफसर सुखदेव सिंह को झारखंड का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है, वे 31 मार्च को रिटायर हो रहे मौजूदा सीएस डीके तिवारी की जगह लेंगे. वहीं, 1984 बैच के आइएएस राजीव अरुण एक्का को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है. केंद्र का राज्यों को निर्देश है कि लाकडाउन के दौरान भी निर्बाध बिजली आपूर्ति जारी रखें.
हिंदुस्तान की लीड खबर का शीर्षक है : नहीं रुक रहा जन ज्वार. अखबार की यह खबर कोरोना लाॅकडाउन को लेकर हो रहे पयालन से जुड़ी है. अखबार ने लिखा है कि दिल्ली, यूपी, राजस्थान सहित कई राज्यों में यह बड़ी समस्या है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीएम केयर्स फंड बनाने को अखबार ने दूसरी प्राथमिकता दी है. अखबार ने लिखा है कि प्रधानमंत्री ने इस फंड के लिए लोगोें से दान मांगा है. अखबार ने खबर दी है कि झारखंड में 22 और संदिग्ज मरीजों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आयी है. राज्य में अबतक इसका एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया है. वहीं, देश में इस बीमारी के 194 नए मामले सामने आए हैं. कोरोना से लड़ने के लिए भारत को अमेरिका 29 लाख डाॅलर की मदद देगा. सुखदेव सिंह व राजीव अरुण एक्का की नयी नियुक्ति की खबर इस अखबार में भी प्रमुखता से है. वहीं, पुणे की साइंटिस्ट मीनल की कहानी है जिन्होंने ढाई घंटे में कोरोना टेस्ट करने वाला दुनिया का पहला किट बनाया है. भारत का यह पहला कोरोना टेस्ट किट है. मीनल जब इस परीक्षण कर रही थीं तब उनके प्रिग्नेंसी का आखिरी दिन था और सारी प्रक्रिया पूरी होने के अगले ही दिन उन्होंने बेटी को जन्म दिया. लोहरदगा से एक खबर है कि बंद के दौरान चावल लेने के लिए बच्चों को स्कूल बुलाया गया, अखबार ने बड़ी लापरवाही के रूप में चिह्नित किया है.
दैनिक भास्कर की लीड खबर कोरोना के नए मामलों के खतरों को लेकर अगाह करने वाला है. शीर्षक है: देश में एक ही दिन में सबसे ज्यादा 200 नए कोरोना केस, चार दिन में दोगुणे हुए. अखबार ने लिखा है कि देश में अब 1008 संक्रमित हैं और 19 की मौत हुई है. कोरोना की वैश्विक खबर है: दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 6.42 लाख हुआ, इटली में मौतें 10 हजार के पार. रतन टाटा द्वारा बीमारी से लड़ने के लिए 1500 करोड़ देने की खबर इस अखबार में प्रमुखता से है. सुखदेव सिंह व राजीव अरुण एक्का की नयी जिम्मेवारी व कोरोना किट बनाने वाली मीनल की खबरें इस अखबार ने भी छापी हैं. अखबार ने कोरोना लाकडाउन के कारण पलायन कर रहे लोगों की तसवीर पहले पन्ने पर छापी है और हाइलाइट्स के जरिए खबर को समझाने का प्रयास किया है.
दैनिक जागरण की लीड खबर है : हर प्रवासी मजदूर को मिलेगी मदद. अखबार ने लिखा है कि पैदल ही घरों की ओर निकल पड़े प्रवासी मजदूरों को हाइवे किनारे ही मिलेगा आसरा, जरूरतमंदों के रहने खाने का होगा प्रबंध. अमित शाह ने कहा कि प्रवासी मजदूरों की हर संभव मदद की जाएगी. टाटा समूह द्वारा कोरोना के खिलाफ जंग के लिए 1500 करोड़ देने के फैसले को इस अखबार ने भी अहमियत दी है. मुख्य सचिव डीके तिवारी का बयान है कि राज्य में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है. राज्य के स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा है कि झारखंड में होने वाली सभी मौत की होगी जांच. आदेश जारी किया गया है कि लक्षण मिलने पर कोरोना संक्रमण की जांच की जाएगी. सुखदेव सिंह व राजीव अरुण एक्का की नयी जिम्मेवारी की खबर भी प्रमुखता से है. कुल्लू से एक खबर है कि तेरहवीं पर भोज नहीं मास्क का करेंगे दान. अखबार ने लिखा है कि समाज को राह दिखाने वाला यह फैसला हिमाचल प्रदेश के एक शोकाकुल माता पिता का है.