एनसीबी ने 'ऑपरेशन ग्लोबल-हंट' के तहत यूएई से वांछित भगोड़े वीरेंद्र बसोया को पकड़ा
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय से मिली कामयाबी
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 'ऑपरेशन ग्लोबल-हंट' के तहत यूएई से भगोड़े ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को भारत वापस लाने में बड़ी सफलता हासिल की है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता को मोदी सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति और 'रूथलेस अप्रोच' का परिणाम बताया।
रांची\दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने दिल्ली के सरोजिनी नगर इलाके के पिलंजी के रहने वाले और वांछित भगोड़े वीरेंद्र सिंह बसोया (उर्फ़ वीरू उर्फ बसोया) को भारत वापस लाने में सफलता प्राप्त की है। आज सुबह नई दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर पहुँचने पर उसे हिरासत में ले लिया गया।
NCB के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर बसोया को जून 2026 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में गिरफ़्तार किया गया था। भारतीय एजेंसियों ने UAE के अधिकारियों के साथ लगातार तालमेल बिठाकर उसकी भारत वापसी सुनिश्चित की।
https://twitter.com/AmitShah/status/2088112154759348705?s=20
मामले का विवरण
यह मामला फरवरी 2024 में पुणे में शुरू हुआ, जब पुणे सिटी पुलिस ने 500 ग्राम मेफेड्रोन ज़ब्त किया। इसके बाद ड्रग तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान और उसे खत्म करने के लिए Top to Bottom और Bottom to Top तक की रणनीति अपनाते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया। बाद की जांच और कार्रवाई के दौरान पुणे से लगभग 867 किलोग्राम और दिल्ली से 970 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया, जिससे कुल बरामदगी लगभग 1,837 किलोग्राम मेफेड्रोन हो गई। इसके बाद मामले को आगे की जांच के लिए NCB की मुंबई ज़ोनल यूनिट को सौंप दिया गया।
जांच में बसोया की पहचान एक अहम विदेशी ऑपरेटिव और कथित साज़िशकर्ता के तौर पर हुई है। वह विदेश से सिंडिकेट की गतिविधियों को कोऑर्डिनेट करता था और भारत से दूसरे देशों में मेफेड्रोन की खेप भेजने में मदद करता था। दिल्ली में बरामद हुई लगभग 970 किलोग्राम मेफेड्रोन की एक बड़ी खेप, कथित तौर पर उसके जुड़े हुए कूरियर चैनलों के ज़रिए एक्सपोर्ट करने की तैयारी से संबंधित थी। उसकी भूमिका घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और तस्करी नेटवर्क को विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी के तौर पर सामने आई।
बसोया का नाम इंटरनेशनल कोकीन तस्करी से जुड़े दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एक अलग मामले में भी सामने आया है। अक्टूबर 2024 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ड्रग तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई के दौरान दिल्ली, हापुड़ और गाजियाबाद में गोदामों और अन्य जगहों के साथ-साथ गुजरात के अंकलेश्वर में एक फैक्ट्री से भी भारी मात्रा में ड्रग्स ज़ब्त किए गए। इन मिले-जुले ऑपरेशन्स में 1,300 किलोग्राम से ज़्यादा कोकीन, मेफेड्रोन और हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की गई। गिरोह की जांच से पता चला कि कोकीन और अन्य ड्रग्स की खरीद, ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन के काम को मैनेज करने में बसोया की कथित भूमिका थी।
बसोया की वापसी NCB के 'ऑपरेशन ग्लोबल-हंट' (Operation GLOBAL-HUNT) के तहत की जा रही लगातार कोशिशों का हिस्सा है। इस ऑपरेशन को विदेशों से काम करने वाले बड़े ड्रग तस्करों और भगोड़ों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए शुरू किया गया था।
यह पहल इंटरपोल रेड नोटिस (INTERPOL Red Notices) जैसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तरीकों का इस्तेमाल करती है और भारतीय व विदेशी कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के साथ ऑपरेशनल तालमेल को मजबूत करती है। इससे पहले तुर्की से मोहम्मद सलीम डोला और मलेशिया से नवीन चिचकर जैसे अन्य वांछित ड्रग तस्करों की सफल वापसी भी इस पहल के तहत बड़ी उपलब्धियां थीं।
अपने अपराधों के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करने हेतु भगोड़ों को भारत वापस लाना केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जारी 'ड्रग कंट्रोल विज़न डॉक्यूमेंट (2026–2029)' के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। इस रोडमैप के तहत, अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करते हुए, विदेशों से काम कर रहे नशीले पदार्थों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण भगोड़ों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में NCB ड्रग तस्करी के खिलाफ भारत सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। NCB ड्रग्स के बड़े सरगनाओं, फाइनेंसरों, हैंडलरों और भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी, चाहे वे भारत से काम कर रहे हों या विदेश से; साथ ही, नशीले पदार्थों की तस्करी के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेगी।
Anjali Sinha covers Jharkhand local news, breaking stories, and trending updates at Samridh Jharkhand. She focuses on ground reports, regional developments, and timely news coverage to keep readers informed with accurate and engaging stories. Passionate about journalism, she brings attention to stories that matter to the community.










