कुजू क्षेत्र में त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न, सुरक्षा संस्कृति को और सुदृढ़ बनाने पर बल
डीजीएमएस अधिकारियों ने दिया सुरक्षा मानकों का मार्गदर्शन
सीसीएल के कुजू क्षेत्र में महाप्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें डीजीएमएस अधिकारियों और श्रमिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में "सेफ्टी क्यूब" व "नो-गो जोन" जैसी अवधारणाओं के तहत शून्य दुर्घटना (Zero Harm) का लक्ष्य हासिल करने पर विस्तृत रणनीति बनी।
कुजू: सीसीएल के कुजू क्षेत्र में त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति (Tripartite Mines Safety Committee) की बैठक सफलतापूर्वक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में खान सुरक्षा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक एवं सारगर्भित विचार-विमर्श किया गया तथा सुरक्षित, सतत एवं दुर्घटनामुक्त कार्य संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में महानिदेशालय खान सुरक्षा (DGMS) के अजीत कुमार, डीएमएस (माइनिंग), परवेज आलम, डीडीएमएस (माइनिंग), संकेत तोशनीवाल, डीडीएमएस (मैकेनिकल) तथा शेख मिन्हाजुद्दीन, डीडीएमएस (इलेक्ट्रिकल) की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त बिनोद कुमार, महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव), सीसीएल मुख्यालय, रांची, सी.बी. प्रसाद, आईएसओ, सीसीएल मुख्यालय, रांची तथा राजीव कुमार सिन्हा, महाप्रबंधक, कुजू क्षेत्र भी उपस्थित रहे। बैठक में जेसीएससी सदस्य निर्गुण महतो सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों एवं क्षेत्रीय सुरक्षा समिति के सदस्यों ने सक्रिय एवं रचनात्मक सहभागिता निभाई।


बैठक के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं श्रमिक प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों, सुझावों एवं जिज्ञासाओं पर संबंधित परियोजना पदाधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया। साथ ही पिछली त्रिपक्षीय बैठक में दिए गए सुझावों पर की गई अनुपालन कार्रवाई (Action Taken Report) की भी समीक्षा की गई।
अपने संबोधन में बिनोद कुमार, महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव), सीसीएल मुख्यालय ने “सेफ्टी क्यूब” की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सुरक्षा केवल नियमों के अनुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे दैनिक कार्य व्यवहार एवं संगठनात्मक संस्कृति का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी स्तरों पर सुरक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण एवं व्यक्तिगत उत्तरदायित्व विकसित करने पर बल दिया।
डीजीएमएस अधिकारियों ने भी खान सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर महत्वपूर्ण सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किए। अजीत कुमार, डीएमएस (माइनिंग) ने विशेष रूप से “नो-गो जोन” की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए संवेदनशील एवं प्रतिबंधित क्षेत्रों में निर्धारित सुरक्षा मानकों के कठोर अनुपालन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान एवं प्रभावी नियंत्रण ही दुर्घटनाओं की रोकथाम का आधार है।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में राजीव कुमार सिन्हा, महाप्रबंधक, कुजू क्षेत्र ने बैठक में हुई चर्चाओं का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि खान सुरक्षा केवल प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रमिक की सामूहिक जवाबदेही है। उन्होंने सभी हितधारकों से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शून्य दुर्घटना एवं शून्य क्षति (Zero Harm) के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत राष्ट्रगान के साथ बैठक का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
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