JSDMS में 55 करोड़ के कथित भुगतान घोटाले की जांच की मांग, बाबूलाल मरांडी ने CM को लिखा पत्र
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी (JSDMS) में फर्जी बैंक गारंटी, ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को कथित रूप से 55 करोड़ रुपये के भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
रांची। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी (JSDMS) में फर्जी बैंक गारंटी, ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को कथित तौर पर करोड़ों रुपये के भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्यायिक जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
मरांडी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि जेएसडीएमएस से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज राज्य में वित्तीय अनुशासन, प्रशासनिक जवाबदेही और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की प्रतिबद्धता पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी बैंक गारंटी देने के आरोप में ब्लैकलिस्ट की गई कंपनियों को नियमों की अनदेखी करते हुए दोबारा ब्लैकलिस्ट से बाहर निकालकर लगभग 55 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया और बाद में फिर से उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। उनके अनुसार यह पूरा मामला सुनियोजित वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का प्रतीत होता है।
ब्लैकलिस्ट हटाकर भुगतान का लगाया आरोप


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सरकार से सात प्रमुख मांगें
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सात प्रमुख मांगें की हैं। इनमें फर्जी बैंक गारंटी, ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को भुगतान और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई, वर्ष 2023-24 से अब तक जेएसडीएमएस के सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक निर्णयों का विशेष ऑडिट (स्पेशल ऑडिट), जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को पद से हटाना, लगभग 55 करोड़ रुपये के भुगतान की वैधानिकता की जांच कर दोषियों से राशि की वसूली, जांच पूरी होने तक संबंधित कंपनियों को नया कार्यादेश या भुगतान रोकना, राजनीतिक संरक्षण की जांच तथा शैलेन्द्र लाल, राजन श्रीवास्तव और विश्वरूप ठाकुर की भूमिका एवं संपत्तियों की एसीबी से विशेष जांच कराने की मांग शामिल है।
निष्पक्ष जांच की मांग
बाबूलाल मरांडी ने पत्र में कहा है कि राज्य की जनता यह जानना चाहती है कि फर्जी बैंक गारंटी देने वाली कंपनियों को करोड़ों रुपये का भुगतान किन परिस्थितियों में किया गया और अब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार के दावों की वास्तविक परीक्षा इस मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई से होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


