विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जागरूकता एवं रोकथाम कार्यक्रम का आयोजन 

छात्रों ने शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत तनाव से निपटने के व्यावहारिक उपाय सीखा 

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जागरूकता एवं रोकथाम कार्यक्रम का आयोजन 

अमन शाबा (परामर्शदाता मनोचिकित्सक, टेली-मानस) द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने “कानून के छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों को समझना” विषय पर व्याख्यान दिया। उनके संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित भ्रांतियाँ और तथ्य, विधिक समुदाय में तनाव और कलंक, कानून के छात्रों द्वारा सामना की जाने वाली सामान्य चुनौतियाँ तथा मौखिक एवं व्यवहारिक संकेतों के माध्यम से प्रारंभिक चेतावनी चिह्नों की पहचान जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे।

रांची: मुख्य वक्तव्य डॉ. अमन शाबा (परामर्शदाता मनोचिकित्सक, टेली-मानस) द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने “कानून के छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों को समझना” विषय पर व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को समग्र कल्याण का अभिन्न हिस्सा मानने के महत्व पर प्रकाश डाला। उनके संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित भ्रांतियाँ और तथ्य, विधिक समुदाय में तनाव और कलंक, कानून के छात्रों द्वारा सामना की जाने वाली सामान्य चुनौतियाँ तथा मौखिक एवं व्यवहारिक संकेतों के माध्यम से प्रारंभिक चेतावनी चिह्नों की पहचान जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे।

निशी वर्षा केरकेट्टा (मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, टेली-मानस) ने आत्महत्या के कारण, सुरक्षात्मक कारक, आत्महत्या के चरण तथा आत्महत्या रोकथाम में अपनाए जाने वाले "क्या करें और क्या न करें" पर चर्चा की। उन्होंने ज़ोर दिया कि समय पर सहयोग और जागरूकता से अनेक टाली जा सकने वाली विपत्तियों को रोका जा सकता है। विजयलक्ष्मी दोराई (मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, टेली-मानस) ने जोखिमपूर्ण परिस्थितियों की पहचान, सहपाठियों एवं परिवार के सहयोग की महत्ता, संकट-हस्तक्षेप रणनीतियाँ और सामुदायिक समूहों के निर्माण द्वारा लचीलापन विकसित करने पर प्रकाश डाला। यह एक सहभागितापूर्ण सत्र था जिसमें छात्रों ने विशेषज्ञों से संवाद किया, अपनी चिंताएँ साझा कीं और शैक्षणिक तथा व्यक्तिगत तनाव से निपटने के व्यावहारिक उपाय सीखे। साथ ही उन्होंने आत्महत्या रोकथाम के प्रति अपनी समझ को और सुदृढ़ किया।

सत्र का समापन आस्था मल्होत्रा (परामर्शदाता, टेली-मानस) द्वारा किया गया। उन्होंने छात्रों को टेली-मानस की सेवाओं एवं पहलों के बारे में जानकारी दी। जो पूरे राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराती है। कार्यक्रम में टेली-मानस टीम और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच एक विशेष संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें रजिस्ट्रार पटनायक और शिक्षक सदस्य आशीष सिल्सवाल शामिल रहे। उन्होंने कानून के छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को सहयोग देने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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Edited By: Mohit Sinha
Mohit Sinha Picture

Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.

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