Pakur News: दो दिवसीय पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
आधुनिक और वैज्ञानिक पशुपालन पर विशेषज्ञों का व्याख्यान
महेशपुर प्रखंड में ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दो दिवसीय पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें किसानों और महिला समूहों को वैज्ञानिक तकनीक, चारा प्रबंधन और टीकाकरण की जानकारी दी जा रही है। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को बकरी और सूकर (Pig) उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें। विशेषज्ञों ने पशुपालन को एक संगठित व्यवसाय के रूप में अपनाने और आय दोगुनी करने पर जोर दिया है।
महेशपुर: प्रखंड में ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 2 दिवसीय पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस पहल से क्षेत्र के किसानों, महिला समूहों और बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में ग्रामीण उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक और वैज्ञानिक पशुपालन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रतिभागियों को बताया जा रहा है कि किस तरह सही तकनीक अपनाकर पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है। इसमें दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय, संतुलित एवं पोषक चारा प्रबंधन, पशुओं की साफ-सफाई, समय पर टीकाकरण और बीमारियों से बचाव के तरीकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

ग्रामीणों ने इस पहल को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें नई दिशा मिलती है और वे आर्थिक रूप से मजबूत बनने की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। वहीं प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाएगा। कुल मिलाकर, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महेशपुर के ग्रामीणों के लिए आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।
