Koderma News: झारखंड विधि महाविद्यालय में भव्य प्रवेश द्वार का उद्घाटन, कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा रहे मौजूद
बार काउंसिल वाइस चेयरमैन राजेश शुक्ला रहे विशिष्ट अतिथि
झारखंड विधि महाविद्यालय, कोडरमा में नव-निर्मित भव्य प्रवेश द्वार एवं सीमा द्वार का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा, बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन राजेश शुक्ला तथा नगर परिषद अध्यक्ष रमेश हर्षधर सहित अनेक शिक्षाविद और अधिवक्ता उपस्थित रहे।
कोडरमा: झारखंड विधि महाविद्यालय, कोडरमा में नव-निर्मित भव्य प्रवेश द्वार एवं सीमा द्वार का उद्घाटन समारोह बड़े ही गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उनके साथ झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन राजेश शुक्ला, नगर परिषद झुमरी तिलैया के अध्यक्ष रमेश हर्षधर, बॉडी गवर्नर डॉक्टर मनीष कला देवी मीना मिश्रा प्रियंका स्वाति मिश्रा अर्णव पांडे यशराज पंकज मिश्रा कोडरमा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सलुजा, चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के विधि विभागाध्यक्ष (एचओडी) प्रो. अजय कुमार गणेश प्रसाद पांडे पटना विश्वविद्यालय के सलीम जावेद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पवन कुमार मिश्रा सादिक रजाक प्रोफेसर विनोबा भावे विश्वविद्यालय काशी विद्यापीठ के रंजीत कुमार विद्यानंद पांडे सेवा निवृत प्राचार्य विधि महाविधालय के कार्यकारी अध्यक्ष गणेश प्रसाद स्वर्णकार श्री कोडरमा गौशाला समिति के संरक्षक श्याम सुन्दर सिंघानियां प्रदीप कुमार सिंह विनोद कुमार सिन्हा सहित अनेक शिक्षाविद्, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा प्रवेश द्वार एवं सीमा द्वार का उद्घाटन कर किया गया।


उन्होंने कहा कि आज का दिन महाविद्यालय के लिए ऐतिहासिक है। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति सहित इतने प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति से विद्यार्थियों का मनोबल निश्चित रूप से बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि व्यस्ततम कार्यक्रम के बावजूद कुलपति महोदय ने समय निकालकर महाविद्यालय का दौरा किया और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया, इसके लिए पूरा महाविद्यालय परिवार उनका हृदय से आभारी है। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड विधिमहाविद्यालय, कोडरमा में आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता और संतोष की अनुभूति हुई। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिसर का भ्रमण करने और विभिन्न स्टॉलों को देखने का अवसर मिला।
जिससे यहां की शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं संस्थान की प्रगति के बारे में काफी सकारात्मक जानकारी प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्यों एवं व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ना है। देश में नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए अनेक आयोगों एवं विशेषज्ञ समितियों की अनुशंसाओं के आधार पर व्यापक सुधार किए गए हैं। इन सुधारों की झलक झारखंड विधि महाविद्यालय, कोडरमा में भी देखने को मिल रही है, जो अत्यंत सराहनीय है।
कुलपति ने कहा कि वर्तमान समय में विधि शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। समाज में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए योग्य, संवेदनशील एवं ईमानदार विधि विशेषज्ञों की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने अध्ययन के प्रति पूरी निष्ठा रखें, संविधान एवं कानून का गहन अध्ययन करें तथा समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को न्याय दिलाने के लिए सदैव तत्पर रहें। उन्होंने यह भी कहा कि आज उनका कार्यक्रम अत्यंत व्यस्त था, फिर भी महाविद्यालय के आमंत्रण को वे अस्वीकार नहीं कर सके।
उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में जब भी उन्हें अवसर मिलेगा, वे अधिक समय लेकर महाविद्यालय आएंगे और विद्यार्थियों के साथ विस्तृत संवाद करेंगे। झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन राजेश शुक्ला ने कहा कि विधि शिक्षा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत नींव होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, ईमानदारी और परिश्रम के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया तथा कहा कि आने वाला समय विधि के विद्यार्थियों के लिए अनेक संभावनाओं से भरा हुआ है।
नगर परिषद अध्यक्ष रमेश हर्षधर ने महाविद्यालय परिवार को नवीन प्रवेश द्वार एवं सीमा द्वार के निर्माण के लिए बधाई देते हुए कहा कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने महाविद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। महाविद्यालय के हर सहयोग के लिए तत्पर है क्योंकि महाविद्यालय कोडरमा की शान है।
कोडरमा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सलूजा ने कहा कि कानून की पढ़ाई केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना का प्रभावी साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान का उपयोग समाजहित में करने की अपील की। चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के विधि विभागाध्यक्ष प्रो. अजय कुमार सभी मंचासीन अतिथियों ने कहा कि आज के समय में विधि शिक्षा में शोध, तकनीक और व्यवहारिक प्रशिक्षण का विशेष महत्व है। विद्यार्थियों को समय के साथ स्वयं को अपडेट रखना चाहिए। तभी वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे।
समारोह के अंत में सभी अतिथियों ने महाविद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र में विधि शिक्षा का एक उभरता हुआ केंद्र बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्तागण, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
आज के कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विकास राय अजय भट्टाचार्य नीतू कुमारी डॉ सुरेंद्र पांडे अनिकेत मिश्रा आत्मानन्द पांडे नीरज प्रमोद सिंह सीता देवी सुप्रिया सिंह नीलम कंडोला माला सिन्हा नूपुर वर्मा सुप्रभा लूंगा अजय पांडे धर्मेंद्र पांडेय प्रोफेसर राघवेंद्र दत्त गोपाल प्रसाद यादव राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता बबलू गुप्ता महेश यादव अजय यादव प्राचार्य झारखंड टीचर ट्रेनिंग कॉलेज रामबालक पांडे दिनकर मिश्रा धनेश्वर महतो समेत अन्य कई लोग मौजूद थे।
धन्यवाद ज्ञापन डॉ मनीष पंकज मिश्रा के द्वारा किया गया। संचालन वरीय अधिवक्ता व प्राध्यापक आत्मानंद पांडेय महजबी परवीन एवं डॉ अजय कुमार के द्वारा किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि कुलपति शर्मा महाविधालय की खूबियों से अभिभूत नजर आये वहीं सभी छात्र छात्राओं में उत्साह और प्रेरणा का माहौल देखने को मिला।
Kumar Ramesham is associated with Samridh Jharkhand and actively covers local news, public issues, social developments, and important updates from Jharkhand and nearby regions. He focuses on delivering timely, factual, and community-centered reporting with an emphasis on accuracy and reliability.
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