दुमका से श्रमिकों को लेह लद्दाख विदा करने से पहले क्या बोले सीएम हेमंत सोरेन?
दुमका : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि लेह लद्दाख ऐसी जगह हैं जहां सभी लोग काम नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमारे यहां के लोग वहां जाकर काम करते हैं. उन्होंने कहा कि न जाने कितनी कठिनाइयां हमारे मजदूरों को झेलनी पड़ती हैं. उन्होंने कहा कि आज भी मजदूरों के प्रति लोगों में संवेदनाएं नहीं हैं. यही वजह है दो महीने तक इन मजदूरों के साथ जो अमानवीय व्यवहार हुआ है. उन्होंने कहा कि झारखंड पहला राज्य है जिसने प्रवासी श्रमिकों को लाने की वकालत की.
काफी प्रयास के बाद सबसे पहले हमारे यहां श्रमिक आए. पहली ट्रेन हमारे यहां आएं. हमारे यहां हवाई जहाज से मजदूर आए. हमारे मजदूर ऐसी जगहों पर रहते थे जिसकी परिकल्पना हमने भी नहीं की थी. कोरोना संक्रमण बढने पर हमने कंट्रोल रूम बनाया था. एक राज्य के अंदर व देश भर में अपने राज्य के लोगों की गतिविधियां देखने के लिए.
उस काॅल सेंटर में अनेकों लड़के लड़कियां दिन रात काम करते रहे. हमने नोडल अधिकारी बनाए हर राज्य के लिए. लद्दाख में हमारे मजदूरों को यह मालूम हुआ कि झारखंड सरकार अपने राज्य को लोगों को ला रही है तो उन लोगों ने किसी तरह कंट्रोल रूप में संपर्क किया और फिर उन्हें लाया गया. वहां ट्रेन नहीं जा सकती थी तो हमने हवाई जहाज की व्यवस्था की.
Agreement signed by District administration & Border Road Organisation in presence of hon. CM @HemantSorenJMM ji. District administration will facilitate & tie up with BRO to ensure that all workmen get their dues & welfare entitlements. No one will exploit them or use them! pic.twitter.com/VDZp74G5aX— DC_Dumka (@DumkaDc) June 13, 2020
उन्होंने कहा कि वहां के दूसरे श्रमिकों ने बताया कि और भी फंसे हैं. आज ही नोडल अधिकारी से मुझे वहां फंसे श्रमिकों की जानकारी मिली है. हम सबके पास पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन इन्हें तय मानक के हिसाब से सुविधाएं देगी. उन्होंने कहा कि अगर इसका पालन नहीं होगा तो हम कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेंगे.
इस राज्य का कोई किसान श्रमिक अब नहीं मरेगा, इसके लिए मुझे अपनी जान क्यों न देना पड़े. आज देश हित में हमने अपना पहला कदम बढाया है. बार्डर रोड आरगेनाइजेशन से कहना चाहूंगा कि आप इस राज्य के मजदूरों से कदम से कदम मिला कर चलें हम हर कुर्बानी देने को तैयार हैं. सीमा पर तनाव है उस पर ही ये श्रमिक भाई सीना चैड़ा कर जा रहे हैं. ये वीर सैनिक हैं जो सीमा को खून से सींच कर देश को सुरक्षित कर रहे हैं.




