मधुपुर में याद-ए-हुसैन कॉन्फ्रेंस, इमाम हुसैन की कुर्बानी का दिया गया संदेश
मंत्री हफीजुल हसन ने सामाजिक सुधार पर दिया जोर
मधुपुर के पनाहकोला में नवजवान कमेटी के तत्वावधान में मरहूम मेराज उर्फ़ टीपू के ईसाल-ए-सवाब के अवसर पर भव्य याद-ए-हुसैन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। उलेमा-ए-किराम ने हज़रत इमाम हुसैन की कुर्बानी को इंसानियत, इंसाफ और सब्र का अमर संदेश बताया। झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने युवाओं से पांच वक्त की नमाज़ पढ़ने और बिना दहेज शादी को बढ़ावा देने की अपील की
देवघर : मधुपुर शहर के पनाहकोला स्थित नवजवान कमेटी पनाहकोला के तत्वावधान में मरहूम मेराज उर्फ़ टीपू के बराए-ईसाल-ए-सवाब के अवसर पर भव्य "याद-ए-हुसैन कॉन्फ्रेंस" का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया। शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन से हुई, जिसके बाद मरहूम मेराज उर्फ़ टीपू की मग़फिरत और बुलंद-ए-दरजात के लिए विशेष दुआ की गई।
कॉन्फ्रेंस में कोलकाता से पधारे हज़रत अल्लामा सैफुल्लाह अलीमी, अल्लामा मौलाना सिद्दीक झारखंडी बाबा सहित प्रसिद्ध नातख्वां हबीबुल्लाह फैज़ी एवं नदीम रज़ा ने अपने कलाम और नात से समा बांध दिया। नातख्वानों ने इमाम हुसैन की शान में भावपूर्ण कलाम पेश करते हुए कहा—"हुसैन का सर ज़ोर-ओ-जफ़ा के आगे कभी झुका नहीं, वह सिर्फ़ ख़ुदा के आगे झुका और यही कर्बला का पैगाम है।अपने तकरीर में हज़रत अल्लामा सैफुल्लाह अलीमी ने हज़रत इमाम हुसैन की कुर्बानी को इंसानियत के लिए मिसाल बताते हुए कहा कि कर्बला का संदेश हर दौर में ज़ुल्म और नाइंसाफी के खिलाफ डटकर खड़े रहने की प्रेरणा देता है।


उन्होंने कहा कि इंसान दो वक्त की रोटी कम खाए, लेकिन अपने बच्चों की तालीम से कभी समझौता न करे। साथ ही उन्होंने सभी से नियमित रूप से पांच वक्त की नमाज़ अदा करने की अपील की। उलेमा-ए-किराम ने अपने संबोधन में हज़रत इमाम हसन और हज़रत इमाम हुसैन की अजीम कुर्बानियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि कर्बला केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि इंसानियत, इंसाफ, सब्र, भाईचारे और सत्य के लिए संघर्ष का अमर संदेश है।
उन्होंने कहा कि हर दौर में ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाना और मानवता की सेवा करना ही कर्बला की असली सीख है। पूरे कार्यक्रम के दौरान अकीदतमंदों ने पूरे अदब और अकीदत के साथ उलेमा की तकरीरें सुनीं तथा मरहूम मेराज उर्फ़ टीपू की मग़फिरत के लिए दुआ की। याद-ए-हुसैन कॉन्फ्रेंस का समापन सामूहिक दुआ और सलाम के साथ हुआ।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
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