गिरिडीह: मुख्यमंत्री की बैठक में छाया रहा नक्सल उन्मूलन का मुद्दा
- नक्सल उन्मूलन के लिए दिए कई निर्देश, प्रशासन की तारीफ करते हुए और बेहतर काम करने को कहा
- आदिवासी बहुलक इलाकों में विकास समिति का करें गठन
अभिषेक सहाय
गिरिडीह: सूबे के मुख्यमंत्री रघुवर दास शनिवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर गिरिडीह पहुंचे। यहाँ पहुँचते ही उन्हें हवाई अड्डे पर गार्ड ऑफ़ ऑनर की सलामी दी गई। इसके बाद वे नया परिसदन भवन पहुँचे जहाँ जिले के तमाम अधिकारियों के साथ उन्होंने समीक्षात्मक बैठक की।

बैठक में नक्सल उन्मूलन का मुद्दा छाया रहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गिरिडीह जिले से लाल आतंक किसी भी कीमत पर समाप्त होनी चाहिए। उन्होंने गिरिडीह पुलिस की तारीफ करते हुए और बेहतर रिजल्ट देने का निर्देश दिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित गिरिडीह जिले में विकास कार्यो में तेजी लाने का आदेश दिया है। गिरिडीह सर्किट हाउस में जिले के अधिकारियों के साथ पारसनाथ एक्सन प्लान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में महिला स्वयं सहायता समूह का गठन कर लोगों को रोजगार दिया जाये।
50 फीसदी से अधिक आबादी वाले आदिवासी बहुल इलाकों में आदिवासी विकास समिति गठित कर सीधे उसके खाते में रकम भेजी जाये। बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सहायक पुलिस में युवकों और युवतियों की बहाली कर नक्सल गतिविधियों को खत्म करने की बात कही गई।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीसी मनोज कुमार और एसपी सुरेंद्र कुमार झा ने पत्रकारों को बताया कि केन्द्र प्रायोजित योजनाओं में तेजी लाने का आदेश दिया गया है। डीसी ने बताया कि स्वयं सहायता समूह जो उत्पाद बनायेगा उसे सरकार के विभाग ही खरीद करेगा।
एसपी सुरेंद्र कुमार झा ने बताया कि बैठक में तय हुआ कि नक्सलियों के खिलाफ सृजनात्मक और विध्वंसात्मक, दोनों तरह की जारी रखी जाय। उन्होंने कहा कि सीएम ने निर्देश दिया है कि ग्रामीण क्षेत्र के युवक-युवतियों की बहाली कर सहायक पुलिस के तौर पर उनसे काम लिया जाय ताकि युवाओं को भटकने से बचाया जा सके।
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