AAP को बड़ा झटका: राघव चड्ढा समेत कई सांसदों का इस्तीफा, बीजेपी में शामिल होने का ऐलान
सूत्रों के अनुसार, पार्टी की रणनीति और निर्णय लेने के तरीके को लेकर भी असहमति थी। AAP नेतृत्व का आरोप था कि चड्ढा पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय नहीं थे, जबकि चड्ढा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह सकारात्मक राजनीति और नीति आधारित बहस को प्राथमिकता देते हैं।
नई दिल्ली: देश की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा दे दिया। उनके इस फैसले के साथ ही पार्टी के कई अन्य सांसदों ने भी AAP छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने या विलय करने की घोषणा की, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राघव चड्ढा लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से मतभेदों का सामना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है और अब पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने खुद को “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” बताते हुए AAP से दूरी बनाने का फैसला किया।
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पार्टी नेतृत्व से मतभेद और पद से हटाए जाने के बाद बढ़ी दूरी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राघव चड्ढा और AAP नेतृत्व के बीच मतभेद काफी समय से चल रहे थे। हाल ही में उन्हें राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटाया गया था, जिसके बाद उनके और पार्टी के रिश्तों में तनाव खुलकर सामने आने लगा।
AAP के लिए बड़ा झटका, संसद में संख्या पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राघव चड्ढा जैसे प्रमुख नेता का पार्टी छोड़ना AAP के लिए बड़ा झटका है। खासकर तब, जब उनके साथ कई सांसद भी पार्टी से अलग हो रहे हैं। इससे राज्यसभा में AAP की संख्या और प्रभाव पर सीधा असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, भाजपा के लिए यह एक रणनीतिक बढ़त मानी जा रही है, क्योंकि इससे पार्टी की संसदीय स्थिति मजबूत हो सकती है और आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर प्रभाव पड़ सकता है।

