नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने साधा विपक्ष पर हमला
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कांग्रेस और विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों के विरोध का गंभीर आरोप लगाया है।
भुवनेश्वर: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने विपक्षी दलों, विशेषकर काग्रेस व उसके सहयोगियों पर तीखा हमला बोला है। अपने सोशल मीडिया संदेश में उन्होंने लिखा है कि कल पूरे देश ने स्पष्ट रूप से देख लिया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को नारी शक्ति के सशक्तिकरण से कितनी घृणा है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लिए आवश्यक संविधान संशोधन का विरोध कर इन्होंने एक बार फिर देश की आधी आबादी के सपनों, अधिकारों और सम्मान को कुचलने का काम किया है। देश की मातृशक्ति को लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसद आरक्षण के उनके अधिकारों से दूर रखने का पाप इस गठबंधन ने किया है। और अब ये लोग पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलितों के झूठे हितैषी बनने की आड़ में छुप रहे हैं। जबकि, सच्चाई ये है कि काका कालेलकर समिति से लेकर मंडल कमीशन और ओबीसी कमीशन तक, हर बार कांग्रेस ने सिर्फ धोखे की राजनीति की है।
श्री प्रधान ने कहा कि ये लोग न सिर्फ देश की माताओं-बहनों, बल्कि देश के पिछड़ा, अति पिछड़ा वर्गों के साथ साजिश कर देश को विभाजित करते रहे हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी विपक्षी दलों ने दशकों तक अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण नारी शक्ति से लेकर देश के पिछड़ों तक, को हमेशा अपमानित करने और उनके हकों को छीनने का अपराध किया है। और कल जो हुआ, उससे एक बार फिर यह साबित हो गया कि आज भी इनकी नीयत में कोई अंतर नहीं आया है। मगर, देश की नारी शक्ति और सभी देशवासी इनके घड़ियाली आंसुओं के इस ढोंग को अब भली-भांति पहचान चुके हैं।
