बांधवगढ़ में कॉलरधारी बाघिन सुरक्षित मिली, कंकाल मिलने के बाद तेज हुआ था सर्च ऑपरेशन
बाघ का कंकाल मिलने के बाद तेज किया गया था खोज अभियान
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ का कंकाल मिलने के बाद लापता मानी जा रही कॉलरधारी मादा बाघिन सुरक्षित मिल गई है। हाथियों, ट्रैप कैमरों और डॉग स्क्वाड की मदद से करीब 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद वन विभाग ने उसे खोज निकाला।
उमरिया: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ का कंकाल मिलने के बाद जिस कॉलरधारी मादा बाघिन को लेकर आशंकाएं जताई जा रही थीं, वह आखिरकार सुरक्षित मिल गई है। पार्क प्रबंधन ने हाथियों की मदद से बाघिन का पता लगाया और उसके फोटो-वीडियो भी रिकॉर्ड किए। अधिकारियों के मुताबिक बाघिन पूरी तरह स्वस्थ है, लेकिन उसके गले में लगा रेडियो कॉलर तकनीकी रूप से काम करना बंद कर चुका है।
पार्क प्रबंधन के अनुसार, बाघिन के जीपीएस और वीएचएफ रेडियो कॉलर से अंतिम लोकेशन 1 जुलाई को मिली थी। इसके बाद सिग्नल बंद हो गए, जिसके चलते वन विभाग ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। लगातार बारिश और दुर्गम इलाके के बावजूद करीब 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया गया।


इस घटना के बाद रेडियो कॉलर प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अन्य कॉलरधारी वन्यजीवों के उपकरण भी इसी तरह निष्क्रिय हो जाएं, तो उनकी निगरानी और संरक्षण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
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