कोरोना संकट में 12 करोड़ लोगों ने अपना रोजगार गंवा दिया, 73 लोग भूख से मरे : कांग्रेस
नयी दिल्ली : कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने आज कहा कि कोरोना संकट के दौरान 12 करोड लोगों ने अपना रोजगार गंवा दिया. इस दौरान बेरोजगारी दर 27.1 प्रतिशत के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी है. सिब्बल ने कहा कि भाजपा की विफलता के यह आंकड़े हर देशवासी को चिंतित करेंगे. उन्होंने कहा कि मार्च में बेरोजारी दर 8.7 प्रतिशत थी. उन्होंने कहा कि रोजगार गंवाने वाले 12 करोड़ लोगों में नौ करोड़ लोग छोटे कारोबार वाले थे, उन्होंने 1.78 करोड़ सैलरी वाले थे, जिन्होंने रोजगार गंवाया. 1.8 करोड़ सेल्फ इंप्लाइड लोग थे, जिन्होंने रोजगार गंवा दिया.
कोरोना संकट के दौरान 12 करोड़ लोगों ने अपने रोजगार गंवा दिये हैं। इस दौरान बेरोजगारी दर 27.1% के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। भाजपा की विफलता के यह आंकड़े हर देशवासी को चिंतित करेंगे।
श्री @KapilSibal का वक्तव्य।#अब_बस_करो_मोदी pic.twitter.com/BuIRGxE06x— Congress (@INCIndia) May 31, 2020
उन्होंने कहा कि इस वक्त सरकार के पास यह डाटा है कि 28 लाख प्रवासियों को राहत मिली. उन्होंने कहा कि जहां 12 करोड़ रोजगार चले गए वहां ये कहते हैं कि 28 लाख को राहत मिली, बाकियों का क्या हुआ, उन्हें कैसे राहत मिलेगी. मोदी जी कहते हैं कि हमने बहुत तरक्की है. विश्व हंगर इंडेक्स में हिंदुस्तान का स्थान 102 है. उन्होंने कहा कि ये अपनी सोशल डिस्टेंशिंग गरीबों के साथ रख रहे हैं.
प्रधानमंत्री अपने नजरिये को हवाई बनाकर सच्चाई से मुंह पलटने का प्रयत्न करते हैं। 20 लाख करोड़ के पैकेज में अनेक राहतों का दावा करते हैं। लेकिन भारत सरकार के पास प्रवासी मजदूरों का डाटा ही नहीं है, तो उन तक राहत कैसे पहुंचेगी?
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उन्होंने कहा कि मई 14 तक 73 लोगों की भुखमरी से जान चली गयी. वित्तमंत्री के एलान के बाद भी 10.8 करोड़ ऐसे लोग हैं जो आज सार्वजनिक वितरण प्रणाली से बाहर हैं. इस संकट के समय इन लोगों तक सरकार सहायता कैसे पहुंचाएगी. हिंदुस्तान में 85 प्रतिशत वर्क फोर्स दस हजार रुपये प्रति माह से कम कमाती है और 50 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो पांच हजार रुपये से कम कमाते हैं.
कपिल सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने नजरिये को हवाई बनाकर सच्चाई से मुंह पलटने का प्रयत्न करते हैं. 20 लाख करोड़ के पैकेज में अनेक राहतों का दावा करते हैं. लेकिन, भारत सरकार के पास प्रवासी मजदूरों का डाटा ही नहीं है, तो उन तक राहत कैसे पहुंचेगी.




