गोलगप्पा आदि खिलाने वालों को दस्ताना पहनना चाहिए: रुना मिश्रा
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दास्तानों का इस्तेमाल करने के लिये सरकारी आदेश होना चाहिए
रांची: राजधानी राँची इन दिनों गंदगी और गंदगी भरे सामान खाने की वजह से चिकनगुनिया, डेंगू और महिलाओं से संबंधित कई महामारियों की चपेट में है। 12 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस है। इस अवसर पर युवाओं को स्वच्छता को लेकर जागरूक करने के लिए ‘‘टार्गेट सेंटर सोसाइटी’’ नामक गैर सरकारी संस्था ने एक अनुठी पहल की है। इस संस्था ने पुरे शहर में भ्रमण कर सभी गोलगप्पा या इस तरह के सामान बेचने वालों को हाथों में पहनने वाले दस्तानें बांटे।
समाजसेवी अश्विनी राजगढ़िया ने संस्था को अपनी ओर से एक हजार दस्तानें निःशुल्क उपलब्ध करवाया। कार्यक्रम की शुरूवात स्थानीय मैदान मोराबादी से की गई। इस अवसर पर उपस्थित कलाकार एवं मोटीवेटर पिया बर्मन ने कहा कि गुजरात की राजधानी सुरत में गोलगप्पा में गंदगी के कारण फैल रही महामारी के कारण गोलगप्पा बेचने पर पाबंदी लगा दी गई है। ऐसा देशभर में हो सकता है, इसे रोकने के लिए जागरूकता फैलाना जरूरी है। समाजसेवी रुना मिश्रा शुक्ला ने कहा कि गोलगप्पा आदि खिलाने वालों को दास्तानों का इस्तेमाल करना सरकारी आदेश से जरूरी कर देना चाहिए। जिससे खासकर महिलाओं में बिमारियों के फैलने का डर कम हो। समाजसेवी गिरिजा शंकर पेड़ीवाल ने कहा कि गंदगी के कारण यदि गोलगप्पों पर पाबंदी लगी तो बेचने वाले जहाँ बेरोजगार हो जायेंगे, वहीं महिलाओं को भी गोलगप्पे और चाट आदि के आनन्द से वंचित रहना पड़ेगा।
मोटीवेटर पंकज कुमार ने कहा कि हर खोमचे वाले को साफ सफाई के अलावा खराब केमीकल के इस्तेमाल पर भी ध्यान देना चाहिये, जिससे लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ ना हो। संस्था के सचिव श्री उमे कुमार ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनकी संस्था लगातार युवाओं को जागरूक और प्रोत्साहित करने का काम करती है। कार्यक्रम में संस्था के रविकांत भगत, चन्द्र प्रकाश, सुकून उरांव, रवि लड़का के अलावे कई गण्यमान्य लोग मौजूद थे। यह जानकारी पिया बर्मन ने दी।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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