यौन शोषण मामला: जेल में बंद प्रदीप यादव को जमानत
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रांची: अपनी ही पार्टी की महिला नेत्री द्वारा लगाये गये यौन शोषण के आरोपों में घिरे विधायक प्रदीप यादव को शनिवार को झारखंड हाई कोर्ट ने एक बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी। इससे पूर्व अदालत ने 28 सितंबर को दोनों पक्षों की जिरह को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। माना जा रहा है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद श्री यादव जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे। सुनवाई के दौरान विधायक की ओर से वकील ललित यादव ने जमानत दिलवाने की पुरजोर कोशिश की थी। उनकी दलील थी, कि प्रदीप यादव को फंसाने की साजिश रची गयी है। महिला ने 13 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज करायी। जो साफ करता है कि यह एक सोची- समझी साजिश है।
क्या है मामला
बता दें कि झाविमो की महिला नेत्री के यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपित विधायक प्रदीप यादव ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, हालांकि अग्रिम जमानत नहीं मिलने पर उन्होंने निचली अदालत में सरेंडर कर दिया था। पार्टी की एक महिला नेत्री की प्राथमिकी के बाद निचली अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। तब देवघर पुलिस ने प्रदीप यादव को गिरफ्तार करने के लिए कई जगहों पर छापेमारी की थी। 18 जून को देवघर कोर्ट ने मामले को लेकर विधायक प्रदीप यादव की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, इससे पहले 17 जून को विधायक के अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखा था, जिसे सुनने के बाद एडीजे प्रथम ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। जेवीएम के पूर्व महासचिव व पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव पर जेवीएम की महिला नेत्री ने यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है।
13 जून को दर्ज कराया था बयान
प्रदीप यादव ने 13 जून को साइबर थाना में एसडीपीओ विकासचंद्र श्रीवास्तव व आइओ संगीता कुमारी के सामने अपना बयान दर्ज करवाया था। बंद कमरे में उनसे दो घंटे तक पूछताछ की गई थी, इससे पूर्व प्रदीप यादव को अपना पक्ष रखने हेतु 7 जून तक का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने थोड़ा समय मांगा था, जिसें 13 जून कर दिया गया।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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