सरिया मेें बोतलबंद पानी का गोरखधंधा

सरिया मेें बोतलबंद पानी का गोरखधंधा

सरिया: गिरिडीह के सरिया प्रखंड में इनदिनों लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस बाबत सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। दरअसल मामला ये है कि सरिया बाजार समेत आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों गुणवत्ता रहित बोतल बंद पानी का गोरखधंधा काफी फल- फूल रहा है। शहर व आसपास के इलाकों में आरओ प्लांट लगाकर बोतल बंद पानी के कारखाने खोल दिए गए हैं। नामी- गिरामी कंपनियों के 20 लीटर के जार 30- 35 रुपये में मिल जाता है।
कम कीमत के कारण इनकी मांग अधिक है, जिसकी वजह से गोरखधंधे के मालिक मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। उपभोक्ता जल संक्रमित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। असल में बढ़ती गर्मी के साथ ही बोतल बंद पेयजल की मांग भी बढ़ती जा रही है। ज्यादातर शहरवासी अभी पेयजल आपूर्ति विभाग की ओर से सप्लाई किए जाने वाले पेयजल की जगह बोतल बंद पानी पर ही निर्भर हैं। लोगों को पेजलापूर्ति विभाग के पेयजल से अधिक स्वच्छ और निर्मल बोतल बंद पानी लगता है। लोगों के मुताबिक पानी के 90 फीसदी जार संक्रमित हो जाते हैं। इनमें प्लास्टिक के सूक्ष्म कण और मनुष्य के लिए अन्य हानिकारक तत्व मौजूद रहते हैं।

[URIS id=9499]

नलों से मिलने वाले पेयजल की तुलना में बोतल बंद पेयजल ज्यादा सुरक्षित है। अत्याधुनिक तरीके से शुद्धीकरण किए जाने की वजह से इनमें बैक्टीरिया नहीं पाए जाते हैं, बशर्ते शुद्धीकरण सही तकनीक से किया गया हो। शुद्धिकरण किए बिना बोतल बंद पानी का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए खुले पानी से अधिक खतरनाक होता है। बताते चलें कि सरिया में इन दिनों धड़ल्ले से बोतल बंद पानी का व्यापार चल रहा है। एक कारखाना बलीडीह व दूसरा सरिया थाना रोड में स्थित है, जहां जैसे- तैसे डीप बोरिंग से पानी निकाल कर 20 लीटर के बोतलों में भरकर गाड़ियों में लोड कर पूरे सरिया बाजार में सप्लाई किया जाता है।
यह भी पढ़ें:

आधुनिक योग की यात्रा को गांव की तरफ पहुंचाना लक्ष्य: नरेंद्र मोदी

सरिया में चल रहे इस का अनुबंधन विभाग से है या नहीं, या फिर इसे चलाने का सरकारी आदेश भी जांच का विषय है। खास बात ये है, कि इन कारखानों के मालिकों द्वारा सरकार के निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है व सरकारी बिजली का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक सरिया में चल रहे आरओ प्लांटों में किसी ने एक किलो वाट तो किसी ने 2 से 3 किलो वाट का कनेक्शन ले रखा है, जबकि बोतल बंद पानी के प्लांटों में खर्च की जा रही बिजली के दाम अधिक लगते हैं। ऐसे में यदि प्रशासन अगर कार्रवाई करे तो इन प्लांटों के मालिकों पर बिजली चोरी, टैक्स चोरी से लेकर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का मामला बनता है। अब देखनेवाली बात ये होगी कि कब प्रशासन इस पर कार्रवाई करता है।
गूगल न्यूज से जुड़ें... Follow करें
चैनल से जुड़ें 👉
Edited By: Samridh Jharkhand
Tags:

Latest News

Student Protest: बाबूलाल मरांडी ने सदर अस्पताल पहुंच अनशनकारी छात्रों से की मुलाकात, जाना कुशलक्षेम Student Protest: बाबूलाल मरांडी ने सदर अस्पताल पहुंच अनशनकारी छात्रों से की मुलाकात, जाना कुशलक्षेम
Dumka News:विश्व स्तनपान सप्ताह पर रामगढ़ में अनूठी पहल, गोद भराई, अन्नप्राशन और सम्मान समारोह आयोजित
Ranchi News: ओथ फाउंडेशन एवं एम डॉक ने हिल टॉप स्कूल में लगाया निशुल्क शिविर, 200 बच्चों की दंत जांच
Accident News: उत्तराखंड में खाई में गिरी कार, पांच लोगों की मौत, एक लापता
Crime News: गिरिडीह पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गैस बिल अपडेट के नाम पर साइबर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
JPSC-JSSC आंदोलन के बीच देवेंद्र नाथ महतो का शुगर लेवल गिरा, अस्पताल जाने से किया इनकार
India-Pakistan: आतंकवाद मुक्त माहौल के बिना संबंध सामान्य नहीं हो सकते: केन्द्र
Giridih News: नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
युवाओं और शिक्षा पर भाजपा को बोलने का नैतिक अधिकार नहीं: शिल्पी नेहा तिर्की
Giridih News: गिरिडीह में उपायुक्त रामनिवास यादव ने किया EVM-VVPAT वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण
National Handloom Day: हस्तकरघा भारत की संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक: राज्यपाल
Pakur News: बाल तस्करी और बाल विवाह बच्चों के लिए अभिशाप: उर्मिला हेम्ब्रम