EXPLAINER: ममता इस्तीफा नहीं देंगी तो BJP का CM कैसे बनेगा! जानिए बंगाल में राज्यपाल के पास क्या हैं विकल्प

EXPLAINER: ममता इस्तीफा नहीं देंगी तो BJP का CM कैसे बनेगा! जानिए बंगाल में राज्यपाल के पास क्या हैं विकल्प
ममता इस्तीफा नहीं देंगी तो BJP का CM कैसे बनेगा? (ग्राफिक्स: समृद्ध झारखंड)

ममता बनर्जी के इस्तीफा देने से इनकार के बाद सवाल उठ रहे हैं कि अब राज्यपाल क्या कदम उठाएंगे और संविधान में इसके क्या प्रावधान हैं।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को बड़ी हार झेलनी पड़ी है। संवैधानिक परंपरा के अनुसार नई सरकार का शपथ ग्रहण होना तय माना जा रहा है और निवर्तमान मुख्यमंत्री से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे राजभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंपेंगी। लेकिन मंगलवार को कालीघाट स्थित अपने निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने पद छोड़ने से खुलकर मना कर दिया। उन्होंने हार स्वीकार करने से भी इनकार किया और दो टूक कहा कि वे इस्तीफा क्यों दें, क्योंकि उनके अनुसार वे हारी नहीं हैं। साथ ही उन्होंने खुद को एक आजाद परिंदा करार दिया।


ममता नहीं देंगी इस्तीफा तो क्या होगा?

दरअसल, विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद मुख्यमंत्री का पद छोड़ना संवैधानिक जिम्मेदारी मानी जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि कोई मुख्यमंत्री हारने के बाद भी कुर्सी से चिपका रहे तो संविधान में इसके लिए क्या व्यवस्था है और राज्यपाल के पास ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कौन से संवैधानिक अधिकार मौजूद हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

ममता इस्तीफा नहीं देंगी तो BJP का CM कैसे बनेगा? जानिए बंगाल में राज्यपाल के पास क्या हैं विकल्प
(ग्राफिक्स: समृद्ध झारखंड)

क्या करेंगे राज्यपाल?

भारतीय संविधान के अनुसार यदि कोई मुख्यमंत्री पद त्यागने से इनकार करता है और बिना बहुमत के सत्ता में बने रहने की कोशिश करता है, तो राज्यपाल के पास इस स्थिति से निपटने के पर्याप्त संवैधानिक अधिकार हैं। संविधान का अनुच्छेद 164 स्पष्ट रूप से यह कहता है कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। यदि चुनाव में हार के बाद या विधानसभा में बहुमत खोने के बावजूद मुख्यमंत्री इस्तीफा देने से मना करते हैं, तो राज्यपाल उन्हें पद से हटाने का अधिकार रखते हैं। इसके लिए राज्यपाल एक आधिकारिक आदेश जारी करके मौजूदा सरकार को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर सकते हैं।


यह भी है विकल्प

संविधान में एक और रास्ता भी मौजूद है। यदि मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो राज्यपाल विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर बहुमत परीक्षण कराने का निर्देश दे सकते हैं। इसमें अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरकार की परीक्षा ली जाती है। मौजूदा चुनाव नतीजों के अनुसार भाजपा के पास 207 सीटें हैं जबकि तृणमूल कांग्रेस केवल 80 सीटों पर सिमट गई है। ऐसे में ममता बनर्जी के लिए सदन में बहुमत साबित करना किसी भी हालत में संभव नहीं होगा। अविश्वास प्रस्ताव पारित होते ही मुख्यमंत्री को संवैधानिक रूप से पद छोड़ना अनिवार्य हो जाता है।

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Edited By: Samridh Desk
Sujit Sinha Picture
Senior Technical Editor | Political & Geopolitical Affairs
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