बंगाल में अमित शाह की एंट्री से बढ़ी हलचल, सरकार बनेगी कैसे और CM कौन होगा?
पश्चिम बंगाल में BJP ने पहली बार सरकार बनाने का रास्ता साफ किया, जबकि असम में पार्टी ने 82 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी।
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी ने सरकार गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पश्चिम बंगाल में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त किया गया है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को असम में विधायक दल के नेता के चयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बंगाल के इतिहास में पहली बार बनेगी BJP की सरकार
2026 विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल में एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। BJP प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के अनुसार नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को होगा, जो रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती का दिन है। अमित शाह ने बंगाल में TMC की हार को 'डर और तुष्टीकरण' की राजनीति के विरुद्ध जनता का स्पष्ट जनादेश करार दिया है।
बंगाल में BJP ने जीतीं 206 सीटें

2011 से 2026 तक: कैसे बढ़ता गया BJP का जनाधार

1. सुवेंदु अधिकारी: सबसे प्रबल दावेदार
सुवेंदु अधिकारी एक समय ममता बनर्जी के सबसे विश्वस्त सहयोगियों में गिने जाते थे और TMC के शीर्ष नेताओं में उनकी पहचान थी। लेकिन बाद में उन्होंने दीदी से खुलकर विद्रोह किया और भाजपा का दामन थाम लिया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाते हुए वे ममता बनर्जी के सबसे मुखर और कड़े विरोधी बनकर उभरे।
2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट पर स्वयं ममता बनर्जी को पराजित कर अपना राजनीतिक कद काफी ऊंचा कर लिया था। इस बार वे दो सीटों नंदीग्राम और भवानीपुर से चुनावी मैदान में हैं, जहां उन्होंने TMC को सीधी चुनौती दी है। अपने जुझारू तेवर, जमीनी पकड़ और ममता विरोधी छवि के दम पर सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे नजर आते हैं।
2. समिक भट्टाचार्य: संगठन की ताकत के बल पर दावेदार
मुख्यमंत्री पद की इस दौड़ में समिक भट्टाचार्य की दावेदारी भी कम नहीं आंकी जा सकती। भाजपा ने जुलाई 2025 में उन्हें पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी और 2026 का यह विधानसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में पार्टी ने लड़ा। ऐसे में यदि भाजपा इस चुनाव में बड़ी जीत हासिल करती है, तो उसका सेहरा काफी हद तक समिक भट्टाचार्य के सिर बंधेगा। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी को जीत दिलाने का यह श्रेय उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा सकता है।
असम में भी BJP की प्रचंड वापसी
असम विधानसभा चुनाव में भी BJP ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 82 सीटें जीतीं और राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखी। विपक्षी कांग्रेस केवल 19 सीटें ही हासिल कर सकी। जेपी नड्डा को असम में विधायक दल के नेता के चयन की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने सरकार गठन की दिशा में अपने कदम तेज कर दिए हैं।
समृद्ध डेस्क (Samridh Desk), समृद्ध झारखंड का आधिकारिक संपादकीय विभाग है, जो निष्पक्ष, पारदर्शी और सामाजिक जागरूक पत्रकारिता के लिए समर्पित है। हम अनुभवी संपादकों, रिपोर्टरों, डिजिटल संवाददाताओं और कंटेंट राइटर्स की टीम हैं, जो सत्य और जिम्मेदारी की भावना से समाज के मुद्दों को सामने लाने का कार्य करती है।
हम हर खबर को तथ्यों, निष्पक्षता और जनहित के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को केवल सूचना नहीं, बल्कि सच्चाई का पूरा चित्र मिले।
