झारखंड में मुख्य विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के हाथ पर क्वारंटीन का मुहर लगाने पर गरमाई राजनीति
रांची : झारखंड भाजपा विधायक दल के के नेता बाबूलाल मरांडी दिल्ली की राजनीतिक यात्रा के बाद रविवार को रांची लौटे. एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उनके हाथ पर होम क्वारंटीन का मुहर लगाया गया. झारखंड सरकार के नियम अनुसार, राज्य के बाहर से आए किसी भी व्यक्ति को 14 दिनों तक अपने घर पर क्वारंटीन रहना है और अधिकारिक रूप से सरकार को इसकी आनलाइन जानकारी भी देनी है. इसी प्रक्रिया का पालन बाबूलाल मरांडी के साथ भी किया गया, जिसके बाद इस पर राजनीति गरमा गयी है.
माननीय @HemantSorenJMM जी, @BJP4Jharkhand विधायक दल के नेता @yourBabulal जी को होम क्वॉरेंटाइन का मुहर लगाया गया है।वैसे आप खुद एक हफ्ते होम क्वारंटाइन में थे।नियमानुसार यह मोहर तो आपको भी लगना था।फिर यह मोहर आपको क्यों नहीं लगाया गया?क्या आप नियम कानून से ऊपर हैं मुख्यमंत्री जी? pic.twitter.com/reAOg7haDH
— Pratul Shah Deo 🇮🇳 (@pratulshahdeo) July 20, 2020
झारखंड भाजपा के प्रवक्त प्रतुल शाहदेव ने ट्विटर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस संबंध में सवाल पूछा है. शाहदेव ने पूछा है कि मुख्यमंत्री जी, झारखड भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी जी को होम क्वारंटीन का मुहर लगाया गया है, वैसे आप खुद एक हफ्तेतक होम क्वारंटीन में थे, नियमानुसार यह मोहर तो आपको भी लगना था. फिर यह मोहर आपको क्यों नहीं लगया गया. क्या आप नियम कानून से ऊपर हैं. एक अन्य ट्वीट में प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि बाबूलाल मरांडी का डर इस सरकार के सिर पर चढ कर बोलने लगा है.
समसामयिक। आलोचनात्मक । पठनीय।#Jharkhand #झारखंड https://t.co/nSKUHJpYNUयह भी पढ़ें: SIR को लेकर झामुमो का बड़ा प्रशिक्षण शिविर, विनोद पांडेय बोले- मतदाताओं के अधिकार से नहीं होगा कोई समझौता— Babulal Marandi (@yourBabulal) July 19, 2020
गोड्डा से भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने भी इस पर सवाल उठाया है और कहा है कि बाबूलाल मरांडी से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की घबराहट का प्रमाण है कि रांची एयरपोर्ट पर उतरने ही उनको होम क्वारंटीन का मुहर लगा दिया. बाबूलाल मरांडी कानून का पालन करने वाले गिनती के राजनीतिक व्यक्ति हैं, वे बिना मुहर के भी घर पर रहते, यह कहीं ताबूत की आखिरी कील साबित हो जाए.
आदरणीय बाबूलाल मरांडी जी से मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी के घबराहट का प्रमाण है कि आज राँची उतरते ही उनको होम कोरंटीन का मुहर लगा दिया ।बाबूलाल जी क़ानून के पालन करने वाले गिनती के राजनीतिक व्यक्ति हैं,वे बिना मुहर के भी घर पर रहते,यह कहीं ताबूत का आख़िरी कील साबित हो जाए pic.twitter.com/kPYtMCDoN5
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) July 19, 2020
बाबूलाल मरांडी ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी. साथ ही वे केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी व पीयूष गोयल से मिले थे और उन्होंने संबंधित मंत्रालय से जुड़ी राज्य की जरूरतों का ध्यान दिलाया था.
झारखंड में बाबूलाल मरांडी को अबतक नेता प्रतिपक्ष का दर्जा विधानसभा में नहीं मिला है. तकनीकी कारणों से वह उलझा हुआ है. वहीं, भाजपा इसके लिए लगातार मांग कर रही है. हाल में राजस्थान के राजनीतिक संकट के बीच हेमंत सरकार के भविष्य को लेकर भी चिंता प्रकट की गयी. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व मंत्री रामेश्वर उरांव ने ही कहा कि भाजपा उनके चार विधायकों को प्रलोभन दे रही है. उनके इस दावे के बाद कांग्रेस के कुछ युवा विधायकों ने मांग की कि उरांव सार्वजनिक रूप से उनका नाम बताएं. हालांकि बाद में रामेश्वर उरांव ने सफाई दी कि कांग्रेस के विधायक पार्टी के प्रति निष्ठावान हैं और वे प्रलोभन में नहीं आएंगे.
सांसद महोदय अपने आप को हर नियम, हर क़ानून और हर प्रोटोकौल से ऊपर मानते है इसलिए उन्हें अपने ही केंद्र सरकार की बनायी गयी नियम ज़्यादती लग रही है।
थोड़ा अगर नियम की जानकारी इन्हें होती तो ऐसी निम्न स्तर की राजनीति ना करते। https://t.co/YLzBgxIll7
— Jharkhand Mukti Morcha (@JmmJharkhand) July 19, 2020




