Dhanbad News: बीसीसीएल ने वर्ष 2030 तक कोयला उत्पादन बढ़ाने की बनाई महायोजना
फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं की प्रगति पर हुआ विमर्श
बीसीसीएल ने वर्ष 2030 तक कोकिंग कोल उत्पादन को 55 मिलियन टन और वाशरी क्षमता को 28 मिलियन टन तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में स्टील उद्योग की जरूरतों को पूरा करने और आयात कम करने के लिए फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी व अतिरिक्त रेल रेक आवंटन पर कड़े विधिक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बाघमारा: कोयला क्षेत्र में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है बीसीसीएल। कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने वर्ष 2030 तक कोकिंग कोल उत्पादन और कोयला वाशरी क्षमता बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के स्टील उद्योग को बेहतर गुणवत्ता वाला कोकिंग कोल उपलब्ध कराना और विदेशी कोयला आयात पर निर्भरता को कम करना है। बीसीसीएल का लक्ष्य है कि मौजूदा करीब 40.5 मिलियन टन वार्षिक कोयला उत्पादन को बढ़ाकर 54 से 55 मिलियन टन तक पहुंचाया जाए। इसके लिए नई खदानों के विकास के साथ-साथ मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।
वहीं कोयला धुलाई यानी वाशरी क्षमता को भी बड़े स्तर पर बढ़ाने की तैयारी है। कंपनी वर्तमान 13.65 मिलियन टन वाशरी क्षमता को बढ़ाकर 27 से 28 मिलियन टन करने की योजना पर काम कर रही है।इसके तहत तीन नई वाशरी स्थापित की जाएंगी, जिससे कोयले की गुणवत्ता बेहतर होगी और स्टील उद्योग को ज्यादा मात्रा में धुला हुआ कोकिंग कोल मिल सकेगा।

कोयला मंत्रालय ने भी तेज की तैयारी

बैठक की अध्यक्षता कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने की। इसमें कोयला कंपनियों की समस्याओं, संचालन क्षमता बढ़ाने, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और सतत विकास को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।मंत्रालय ने साफ किया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए कोयले की निर्बाध उपलब्धता और तेज परिवहन सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी से बदलेगी कोयला ढुलाई व्यवस्था
समीक्षा बैठक में मैकेनाइज्ड कोल इवैक्यूएशन फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इसके तहत 103 परियोजनाओं के माध्यम से 1339 मिलियन टन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे कोयला परिवहन में सड़क पर निर्भरता कम होगी, समय की बचत होगी और कोयले की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहेगी।इसके साथ ही प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
रेलवे से मांगे गए अतिरिक्त रेक
कोयला ढुलाई को और तेज करने के लिए कोयला मंत्रालय ने रेलवे से अतिरिक्त रेक उपलब्ध कराने की मांग की है। एमसीएल के लिए मौजूदा 102 रेक प्रतिदिन की व्यवस्था के अलावा 15 अतिरिक्त रेक और एसईसीएल के लिए 60 रेक प्रतिदिन के अलावा 5 अतिरिक्त रेक की मांग की गई है। कुल मिलाकर बीसीसीएल की यह योजना कोयला उत्पादन, वाशरी क्षमता और स्टील उद्योग की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
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