Sahibganj News: JLKM पार्टी का शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन, JPSC-JSSC में धांधली के खिलाफ 8 सूत्री मांगपत्र
परीक्षा अभ्यर्थियों का हौसला टूट रहा, सरकार करे निष्पक्ष जांच :अर्जुन महतो
साहिबगंज में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी ने मुख्यमंत्री के नाम 8 सूत्री मांगपत्र उपायुक्त के माध्यम से सौंपते हुए भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई या ईडी से जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई, निजी एजेंसियों के माध्यम से परीक्षा कराने पर रोक और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की।
साहिबगंज: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) की जिला साहिबगंज इकाई के तत्वावधान में प्रखंड मुख्यालय स्थित अनुमंडल कार्यालय परिसर के समक्ष एकदिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। राज्य में जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता के अभाव को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थियों, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अर्जुन कुमार महतो ने की।
धरना स्थल पर प्रकाश कुमार महतो ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पेपर लीक, मूल्यांकन में गड़बड़ी और निजी एजेंसियों की भूमिका से अभ्यर्थियों का आयोगों पर से भरोसा उठ गया है।

वहीं, जिला प्रवक्ता पंचानंद मंडल ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को बेनकाब किया जाए। पार्टी के एसटी मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजेंद्र पहाड़िया ने कहा कि आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उनके पास दोबारा तैयारी के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। कार्यक्रम को प्रकाश कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
प्रदर्शन के बाद पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार के नाम संबोधित आठ सूत्री मांगपत्र उपायुक्त दीपक कुमार दुबे के माध्यम से सौंपा। साथ ही, जेपीएससी और जेएसएससी की कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई या ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग की गई।
पार्टी की आठ सूत्री मांगें
- टीडीपीएल एजेंसी की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच: परीक्षा संचालन में शामिल टीडीपीएल एजेंसी के चयन, कार्यप्रणाली और अनुबंध की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई: जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं एजेंसी से जुड़े लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- संदिग्ध परीक्षाएं रद्द हों: जिन परीक्षाओं में अनियमितता प्रमाणित हो, उन्हें तत्काल रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी तरीके से कराया जाए।
- निजी एजेंसियों पर रोक: भविष्य में जेपीएससी और जेएसएससी की कोई भी परीक्षा निजी एजेंसी के माध्यम से न कराकर आयोग स्वयं संचालित करे।
- मूल्यांकन की स्वतंत्र जांच: मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
- कठोर कानून का प्रावधान: भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वालों के लिए कड़े दंड का प्रावधान करने वाला कानून बनाया जाए।
- योग्यता के आधार पर नियुक्ति: जेपीएससी और जेएसएससी के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त, योग्यता एवं पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर की जाए।
- संस्थागत सुधार: आयोगों में व्यापक प्रशासनिक एवं तकनीकी सुधार कर अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल किया जाए।
पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी संस्था को बदनाम करने के उद्देश्य से नहीं है। इसका उद्देश्य केवल योग्य एवं मेहनती अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना है।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो पार्टी पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन करेगी। कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
अंत में पार्टी ने मीडिया, प्रशासन एवं आम नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
धरना-प्रदर्शन में विकास कुमार, मनोज कुमार मोदी, जगदीश मंडल, पवन ठाकुर, सोहन चौधरी, पंकज कुमार महतो, विपिन कुमार पांडा, मनोज राय, कुंदन साहू, मेघा मंडल, संजय कुमार महतो सहित दर्जनों कार्यकर्ता, छात्र एवं नागरिक उपस्थित रहे।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.









