Ranchi News: पुराना विधानसभा परिसर में मनाया गया साहब हरीन्द्रानन्द का पुण्य स्मृति दिवस
वर्ष 1975 से जनमानस को शिव के गुरु स्वरूप से जोड़ने का किया प्रयास
रांची के पुराना विधानसभा परिसर में शुक्रवार को साहब हरीन्द्रानन्द की चतुर्थ पुण्यतिथि पुण्य स्मृति दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु और शिव शिष्य शामिल हुए। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा नेपाल सहित अन्य देशों से भी लोग पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत शिव नाम संकीर्तन और जागरण भजन से हुई। इसके बाद साहब हरीन्द्रानन्द की तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई।
रांची: शिव शिष्यता के जनक और इस कालखंड के प्रथम शिव शिष्य साहब हरीन्द्रानन्द की चतुर्थ पुण्यतिथि शुक्रवार को शिव शिष्यों द्वारा पुण्य स्मृति दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर पुराना विधानसभा परिसर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति का साक्षी बना। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के अलावा नेपाल सहित अन्य देशों से भी शिव शिष्य शामिल हुए।
साहब हरीन्द्रानन्द अपने जीवनकाल में वर्ष 1975 से ही जनमानस को शिव के गुरु स्वरूप से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। उन्होंने लोगों को बताया कि शिव गुरु हैं और इस धरती का प्रत्येक मानव, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म, वर्ण या संप्रदाय का हो, शिव को अपना गुरु बना सकता है। प्रत्येक व्यक्ति शिव शिष्य बनने की पात्रता रखता है।देश-विदेश से पहुंचे शिव शिष्य
साहब हरीन्द्रानन्द का जन्म 31 अक्टूबर 1948 को बिहार के सिवान जिले के अमलोरी ग्राम में हुआ था। उनकी कर्मभूमि भी बिहार रही। सरकारी नौकरी से अवकाश ग्रहण करने के बाद वे झारखंड आए। उनकी व्यापकता और प्रसिद्धि वैश्विक स्तर पर रही तथा देश-विदेश के लोग उनके प्रति श्रद्धावनत रहे।
अध्यात्म, समानता और शांति का संदेश
साहब हरीन्द्रानन्द की चाहत थी कि समस्त चराचर जगत शिव की शिष्यता ग्रहण करे और उनकी दया के आश्रय में चले। उनका विश्वास था कि शिव के गुरु स्वरूप की जन-जन में स्थापना से विश्व वाटिका में अध्यात्म का अवतरण होगा तथा सहृदयता, समानता और शांति के सुमन खिलेंगे। प्रेम के पराग से मानवता सुगंधित होगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वाह्न नौ बजे शिव नाम संकीर्तन एवं जागरण भजन से हुआ। इसके बाद साहब हरीन्द्रानन्द जी की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि सभा में महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक रही।
बाढ़ पीड़ितों की सहायता की अपील
इस अवसर पर मुख्य सलाहकार अर्चित आनंद ने बताया कि देश-विदेश में शिव शिष्यों ने अपने स्तर पर पुण्य स्मृति दिवस का आयोजन किया। इस दौरान वृद्धाश्रम और अनाथालयों में सहयोग के साथ-साथ वृक्षारोपण भी किया जा रहा है।
अर्चित आनंद ने पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने साहब हरीन्द्रानन्द जी से दया की याचना करते हुए विश्वभर में फैले सभी शिव शिष्यों एवं शिष्याओं से अपील की कि आपदा की इस घड़ी में वे यथासंभव बाढ़ पीड़ितों की सहायता करें।
श्रद्धांजलि सभा में अर्चित आनंद, बरखा आनंद, डॉ. अमित कुमार, अनुनीता आनंद, अभिनव आनंद एवं निहारीका आनंद सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। पुष्पांजलि समारोह में राज्य के कई गणमान्य लोगों की भी उपस्थिति रही।
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