झारखंड के बिरहोर, असुर और पहाड़िया समुदायों की स्वास्थ्य चुनौतियों पर होगी बड़ी रिसर्च, XISS और ICMR ने मिलाया हाथ
दो वर्षों के शोध प्रोजेक्ट के लिए XISS और ICMR-NITHR के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर
ज़ेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS), रांची और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ट्राइबल हेल्थ रिसर्च (ICMR-NITHR), जबलपुर ने झारखंड के विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों (PVTG) की स्वास्थ्य सेवाओं पर शोध के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।
रांची: ज़ेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस), रांची और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ट्राइबल हेल्थ रिसर्च (आईसीएमआर-एनआईटीएचआर), जबलपुर ने "आदिवासी इलाकों में हेल्थकेयर डिलीवरी सिस्टम में कमियों और चुनौतियों की पहचान : एक मल्टीसेंट्रिक स्टडी" नामक एक अहम रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए दो वर्षों के मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह सहयोग भारत में पीवीटीजी आदिवासियों की स्वास्थ्य स्थिति को बेहतर बनाने के लिए रिसर्च-आधारित उपायों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एमओयू पर एक्सआईएसएस के निदेशक डॉ. जोसफ मारियानुस कुजूर, एसजे और आईसीएमआर-एनआईटीएचआर, जबलपुर के निदेशक डॉ. प्रवीण भारती ने हस्ताक्षर किए।


इस रिसर्च का उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाना और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए साक्ष्य-आधारित नीतिगत सुझाव तैयार करना है।
डॉ. कुजूर ने इस सहयोग की सराहना करते हुए इसे एविडेंस-बेस्ड पॉलिसी निर्माण और आदिवासी स्वास्थ्य अनुसंधान को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं, डॉ. प्रवीण भारती ने झारखंड के पीवीटीजी समुदायों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार लाने के साथ-साथ संयुक्त अनुसंधान और शैक्षणिक प्रकाशनों को बढ़ावा देने में इस साझेदारी की महत्ता पर जोर दिया।
प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. कल्याण ब्रता साहा ने हेल्थकेयर सेवाओं में आने वाली बाधाओं की पहचान करने तथा दूर-दराज के आदिवासी क्षेत्रों में सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक रणनीतियां विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


