Palamu News: बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘अग्रगति’ का संकल्प, पलामू में बाल तस्करी रोकने को राष्ट्रीय अभियान शुरू
संवेदनशील परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर रहेगा विशेष फोकस
विश्व मानव तस्करी निरोधी दिवस के अवसर पर पलामू में बाल अधिकार संगठन ‘अग्रगति’ ने बाल तस्करी के खिलाफ राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की। यह अभियान ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ नेटवर्क के तहत चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जागरूकता, संवेदनशील परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना, पीड़ित बच्चों का पुनर्वास और तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी।
पलामू: मेदिनीनगर 'विश्व मानव तस्करी निरोधी दिवस' (World Day Against Trafficking in Persons) के अवसर पर पलामू जिले में सक्रिय बाल अधिकार संगठन ‘अग्रगति’ (AGRAGATI) ने बाल तस्करी के खिलाफ एक निर्णायक अभियान की घोषणा की है। यह पहल नई दिल्ली से शुरू हुए 'राष्ट्रीय बाल तस्करी विरोधी अभियान' (National Campaign Against Child Trafficking) का हिस्सा है।
संगठन ने बच्चों के लिए जिले को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, सरकार और बाल कल्याण समितियों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।
अभियान की प्रमुख रणनीतियां


कानूनी कार्रवाई: बाल तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

यह कार्यक्रम 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन' (JRC) के बैनर तले आयोजित किया गया, जो भारत के 782 जिलों के 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों (CSOs) का एक देशव्यापी नेटवर्क है। 'अग्रगति' भी इस नेटवर्क का एक सहयोगी संगठन है।
बड़ा आंकड़ा: Just Rights for Children दुनिया का सबसे बड़ा कानूनी हस्तक्षेप कार्यक्रम चलाता है। इस नेटवर्क के प्रयासों से अप्रैल 2023 से दिसंबर 2025 के बीच देशभर में 1,22,516 बच्चों को तस्करी से मुक्त कराया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य 2030 तक भारत को बाल तस्करी मुक्त बनाना है।
"सिविल सोसाइटी के स्वयंसेवक किसी फरिश्ते से कम नहीं": केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि बाल संरक्षण देश की सबसे चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है।
उन्होंने कहा:
"एक भी बच्चे की जान बचाना सबसे महान कार्यों में से एक है। कई बच्चियां तस्करी का शिकार हो जाती हैं और कभी घर नहीं लौट पातीं। ये बच्चे किसी के आने का इंतजार करते हैं, और जो स्वयंसेवक इन्हें यौन शोषण से बचाते हैं, वे किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं।"
"प्रतिदिन 6 बच्चे होते हैं तस्करी का शिकार" किरण शंकर दत्त
'अग्रगति' के निदेशक श्री किरण शंकर दत्त ने बाल तस्करी को देश में बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।
उन्होंने चिंताजनक आंकड़े साझा करते हुए कहा:
भारत में औसतन हर दिन 6 बच्चे तस्करों का शिकार बनते हैं और 5 बच्चे बाल मजदूरी में धकेले जाते हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हर घंटे 11 बच्चे लापता होते हैं, जिनमें से एक बड़ी संख्या तस्करी का शिकार बन जाती है।
मानव तस्करी दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध (हथियार और ड्रग्स के बाद) है, जिसमें महिलाएं और बच्चे मुख्य निशाना होते हैं।
निदेशक ने आगाह किया कि तस्कर अक्सर बाहर के नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों के ही जाने-पहचाने लोग होते हैं, जो गरीब परिवारों को बेहतर जिंदगी, शिक्षा या नौकरी का झांसा देकर बच्चों को ले जाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 'अग्रगति' का मुख्य जोर रोकथाम, पीड़ित बच्चों को कानूनी व पुनर्वास सहायता देने और तस्करों को कड़ी सजा दिलाने पर रहेगा।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
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