Koderma News: पत्थर और ढिबरा व्यवसायियों के समर्थन में उतरे सुभाष प्रसाद यादव, निर्णायक आंदोलन की दी चेतावनी
पत्थर और ढिबरा व्यवसायियों के शोषण पर भारी नाराजगी
राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता सुभाष प्रसाद यादव ने कोडरमा जिला प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा विरोध जताते हुए पत्थर और ढिबरा व्यवसायियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की गलत नीतियों के कारण जिले में बेरोजगारी बढ़ी है और पलायन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सुभाष यादव ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए लीज प्रक्रिया के सरलीकरण और दर्ज मुकदमों को वापस लेने की अपील की है।
कोडरमा: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कद्दावर नेता, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सह राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड सदस्य सुभाष प्रसाद यादव ने कोडरमा जिला प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कोडरमा की खनिज संपदा और यहाँ के मेहनतकश पत्थर व ढिबरा व्यवसायियों का शोषण अब और नहीं चलने दिया जाएगा। प्रशासन की हठधर्मिता ने न केवल जिले की अर्थव्यवस्था को गर्त में धकेल दिया है, बल्कि हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट पैदा कर दिया है।
सुभाष प्रसाद यादव ने कहा कि कोडरमा जिला प्रशासन ने पूरे जिले को एक 'चारागाह' समझ लिया है।नियम-कानून के नाम पर छोटे व्यवसायियों और मजदूरों को प्रताड़ित करना प्रशासन की नियति बन गई है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारी अपनी गलत नीतियों और दमनकारी कार्रवाइयों से जनप्रिय राज्य सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य रोजगार देना है, जबकि कोडरमा प्रशासन रोजगार छीनने और लोगों को पलायन के लिए मजबूर करने में लगा है।

उत्पीड़न पर तत्काल रोक
पत्थर और ढिबरा व्यवसाय से जुड़े लोगों पर दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाए और मशीनों व वाहनों की जब्ती पर अविलंब रोक लगे। सरलीकरण और लीज प्रक्रिया स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए लीज और चालान की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि छोटे व्यवसायी भी कानूनी रूप से अपना काम कर सकें।
रोजी-रोटी का संरक्षण
कोडरमा में पत्थर व्यवसाय से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोग जुड़े हैं। प्रशासन की सख्ती के कारण जो बेरोजगारी बढ़ी है, उसे दूर करने के लिए विशेष आर्थिक राहत पैकेज या वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। जो अधिकारी सरकार की मंशा के विपरीत काम कर रहे हैं और जनता के बीच असंतोष फैला रहे हैं, उन पर उच्च स्तरीय जांच बैठाई जाए।
सुभाष प्रसाद यादव ने दोहराया कि राजद हमेशा से शोषितों और वंचितों की आवाज रहा है। कोडरमा के पत्थर व्यवसायी और मजदूर खुद को अकेला न समझें। प्रशासन यह याद रखे कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है। यदि समय रहते प्रशासन अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं लाता है और राज्य सरकार सकारात्मक कदम नहीं उठाती है, तो राजद पूरे जिले में चक्का जाम करने और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।अन्याय और शोषण का अंत निश्चित है। राजद परिवार पत्थर व्यवसायियों के हक की लड़ाई उनके घर के आंगन से लेकर रांची की विधानसभा तक लड़ेगा।
