Giridih News: सरिया में कछुआ गति से बन रहा ओवरब्रिज, विकास की भेंट चढ़े सैकड़ों रोजगार
रेलवे फाटक के पास निर्माण कार्य की सुस्त गति से बढ़ी जनसमस्याएं
सरिया रेलवे फाटक के पास बन रहा ओवरब्रिज दो वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण स्थानीय लोगों को जाम, धूल और व्यापारिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
गिरिडीह: विकास जब विनाश का रूप लेने लगे, तो जनता का सब्र टूटने लगता है। कुछ ऐसा ही मंजर इन दिनों सरिया बाजार के हृदय स्थल, यानी रेलवे फाटक के पास देखने को मिल रहा है। यहां बन रहे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य विकास की गति को रफ्तार देने के बजाय कछुए की चाल से रेंग रहा है। नतीजतन, स्थानीय जनता जाम और धूल फांकने को मजबूर है। वहीं दूसरी ओर इस अधूरे विकास ने सैकड़ों परिवारों के मुंह से निवाला छीन लिया है।
लगभग दो वर्ष पहले जब इस ओवरब्रिज के निर्माण की सुगबुगाहट शुरू हुई थी, तब क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि वर्षों पुरानी जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी। लेकिन निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही सड़क के दोनों ओर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई। देखते ही देखते दशकों पुरानी दुकानें मलबे में तब्दील हो गईं।


"हार्ट ऑफ द सिटी" कहे जाने वाले इस बाजार का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उड़ती धूल और संकरे रास्तों के कारण ग्राहकों ने बाजार का रुख करना कम कर दिया है। जो बचे-खुचे दुकानदार हैं, उनकी बिक्री भी प्रभावित हो रही है।
रेलवे फाटक बंद होने पर लगने वाला लंबा जाम अब और गंभीर समस्या बन चुका है। एम्बुलेंस से लेकर स्कूली बसें तक घंटों जाम में फंसी रहती हैं। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की यही रफ्तार रही, तो ओवरब्रिज को पूरा होने में और कई वर्ष लग सकते हैं।
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार इस जनसमस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं या सरिया की जनता को अभी और लंबे समय तक अधर में लटके इस विकास कार्य का दंश झेलना पड़ेगा।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


