Giridih News: सिद्धो-कान्हू जयंती पर झामुमो कार्यालय में कार्यक्रम, बलिदान को किया गया याद
गिरिडीह के झामुमो जिला कार्यालय में अमर शहीद सिद्धो-कान्हू की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बलिदान को याद किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने हूल क्रांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज के अधिकारों और एकजुटता पर जोर दिया।
गिरिडीह: झामुमो जिला कार्यालय में हूल क्रांति के महानायक अमर शहीद सिद्धो-कान्हू की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो गिरिडीह के नगर अध्यक्ष राकेश सिंह रॉकी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ महान स्वतंत्रता सेनानियों के छाया चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया गया।
इस अवसर पर पार्टी के नेताओं ने अपने विचार साझा किए:

कोलेश्वर सोरेन ने कहा कि हूल क्रांति भारतीय स्वाधीनता संग्राम का वह अध्याय है, जिसने अंग्रेजों की जड़ें हिला दी थीं। सिद्धो-कान्हू का बलिदान हमें सिखाता है कि अपनी अस्मिता और हक के लिए कभी झुकना नहीं चाहिए। आज की पीढ़ी को उनके गौरवशाली इतिहास से सीखने की जरूरत है।
प्रधान मुर्मू ने कहा कि सिद्धो-कान्हू ने शोषण-मुक्त समाज का जो सपना देखा था, उसे साकार करना ही हमारी असली श्रद्धांजलि होगी। झामुमो हमेशा से आदिवासियों और मूलवासियों के हितों के लिए मुखर रहा है और हम इन वीर शहीदों के बताए रास्ते पर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कार्यक्रम में अभय सिंह, दिलीप रजक, मो. जाकिर, अनवर अंसारी, राकेश रंजन, अनुभव सिंह, वकील चौड़े, संजय वर्मा, तेजो मंडल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के बाद सिहोडीह निवासी प्रमोद स्वर्णकार, मोहन स्वर्णकार और विनोद स्वर्णकार ने झामुमो के नीति-सिद्धांतों को मानते हुए झामुमो की सदस्यता ग्रहण की।
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