झारखंड के जंगलों का डिजिटल दस्तावेज़ तैयार, 2,700 से अधिक प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज
'बायोडाइवर्सिटी एटलस ऑफ संथाल परगना' परियोजना के तहत दर्ज हुए 14 हजार से अधिक अवलोकन
दुमका निवासी वन्यजीव संरक्षणवादी एवं जैव विविधता शोधकर्ता कुलेश भंडारी ने संथाल परगना की प्राकृतिक धरोहर को डिजिटल रूप से संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 'बायोडाइवर्सिटी एटलस ऑफ संथाल परगना' परियोजना के तहत अब तक 2,700 से अधिक प्रजातियों के 14,000 से ज्यादा अवलोकन दर्ज किए जा चुके हैं।
संथाल परगना, झारखंड: इस क्षेत्र की अमूल्य प्राकृतिक संपदा को डिजिटल रूप में हमेशा के लिए सुरक्षित करने के उद्देश्य से दुमका निवासी वन्यजीव संरक्षणवादी एवं जैव विविधता शोधकर्ता कुलेश भंडारी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्थानीय समुदाय के सहयोग से उन्होंने संथाल परगना की 2,700 से अधिक प्रजातियों के 14,000 से अधिक लाइव अवलोकन (Observations) डिजिटल रूप में दर्ज किए हैं।
यह ऐतिहासिक कार्य 'बायोडाइवर्सिटी एटलस ऑफ संथाल परगना' परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा है, जो वैश्विक मंच iNaturalist और India Biodiversity Portal (IBP) पर सक्रिय रूप से संचालित है। प्रतिष्ठित WWF-India के Conservation Catalyst Programme (2026-27) द्वारा अनुदान प्राप्त यह परियोजना पूर्वी भारत के इस आदिवासी बहुल क्षेत्र का पहला व्यापक सामुदायिक जैव विविधता डेटाबेस बन चुकी है।
क्या है यह परियोजना?


क्या कहते हैं कुलेश भंडारी?
मुहिम के प्रणेता कुलेश भंडारी कहते हैं,
"संथाल परगना की जैव विविधता अतुलनीय है, लेकिन इसका वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण अभी भी अधूरा है। यहां का हर पेड़, हर पक्षी और हर कीट का रिकॉर्ड भविष्य की पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर साबित होगा।"
शोधकर्ताओं, शिक्षकों और छात्रों से विशेष अपील
झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राणीशास्त्र (Zoology), वनस्पतिशास्त्र (Botany) और पर्यावरण विज्ञान (Environmental Science) विभागों के प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्र इस परियोजना में सीधे योगदान कर सकते हैं।
यह प्रामाणिक डेटा भविष्य के शोधपत्रों, जैव विविधता संरक्षण और क्षेत्रीय पर्यावरण नीतियों के निर्माण में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
कैसे जुड़ें? तीन आसान कदम
- अपने मोबाइल में iNaturalist App डाउनलोड करें।
- अपने आसपास किसी भी पेड़, पक्षी, कीट, तितली या मेंढक की स्पष्ट तस्वीर लें।
- तस्वीर को ऐप पर अपलोड करें। इसके बाद पहचान (Identification) का कार्य वैज्ञानिक समुदाय और AI की सहायता से किया जाएगा।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


