परमवीर चक्र विजेता राम राघोबा राणे की पुण्यतिथि पर राष्ट्र का नमन, नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
1947-48 भारत-पाक युद्ध के वीर योद्धा को श्रद्धांजलि
नई दिल्ली में परमवीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान सहित कई नेताओं ने उनके अद्वितीय साहस, वीरता और राष्ट्रभक्ति को नमन किया। वर्ष 1947-48 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में उन्होंने दुश्मन की भीषण गोलाबारी के बीच बारूदी सुरंगों और सड़क अवरोधों को हटाकर भारतीय सेना के लिए मार्ग प्रशस्त किया था।
नई दिल्ली: परमवीर चक्र से सम्मानित सेकंड लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे की पुण्यतिथि पर शनिवार को देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अनेक नेताओं ने उनके अद्वितीय साहस, वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में कहा कि परमवीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे ने 1947-48 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अदम्य साहस और असाधारण नेतृत्व का परिचय दिया। उन्होंने दुश्मन की भीषण गोलाबारी और अनेक बाधाओं के बावजूद लगातार अपने साथियों के लिए रास्ता साफ किया, जिससे भारतीय सेना की अग्रिम बढ़त सुनिश्चित हो सकी। बिरला ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी राणे का कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण और वीरता सैन्य अभियान की सफलता का आधार बना। उनका शौर्य भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास का स्वर्णिम और प्रेरणादायी अध्याय है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी सेकंड लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र उनके सर्वोच्च बलिदान, अदम्य साहस और अतुलनीय देशभक्ति का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि राणे का जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संदेश में कहा कि वर्ष 1947-48 के भारत-पाक युद्ध में अपने अद्वितीय शौर्य और पराक्रम से शत्रु सेना को परास्त करने वाले परमवीर चक्र से सम्मानित सेकंड लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे की गौरवगाथा आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्र सेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे वीर सपूतों के बलिदान और पराक्रम के कारण ही देश सुरक्षित और गौरवान्वित है।
उल्लेखनीय है कि सेकंड लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे भारतीय सेना की इंजीनियर कोर (कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स) के अधिकारी थे। वर्ष 1947-48 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने दुश्मन की गोलाबारी के बीच बारूदी सुरंगों और सड़क अवरोधों को हटाकर भारतीय सेना के टैंकों और सैनिकों के आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया। उनके असाधारण साहस और कर्तव्यपरायणता के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च सैन्य वीरता सम्मान 'परमवीर चक्र' से सम्मानित किया गया। आज भी उनका जीवन और वीरता भारतीय सेना तथा देशवासियों के लिए प्रेरणा का अमिट स्रोत है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


