दहेज पर रोक हेतु सामाजिक जागरुकता आवश्यक: कल्याणी
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रामगढ: शहर के रामगढ इंटर महिला महाविद्यालय में दहेज मुक्त झारखंड द्वारा महिलाओं के साथ होने वाले हिंसा के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बाबत मुख्य अतिथि के तौर पर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्षा कल्याणी शरण ने कहा कि ये एक सराहणीय प्रयास है और समाज में जागरुता के माध्यम से दहेज लेने की प्रथा में कमी लायी जा सकती है।
श्रीमती शरण ने कहा कि सामूहिक तौर पर दहेज जैसी विकृति के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी, तभी इस पर नियंत्रण हो सकता है। मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रामगढ़ पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि देहज के लोभियों का सामाजिक बाहिष्कार करना होगा। दहेज प्रथा कानून की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इसे बने 60 साल हो चुके हैं, उसके बावजूद अब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है। ऐसे में दहेज लेने व देने वाले दहेज प्रथा को अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ देते हैं। ये पूरी तरह से गलत है और यदि पूरा समाज मिलकर इसका बाहिष्कार करे, तो इसे खत्म किया जा सकता है। आली संस्था की रेशमा सिंह ने कहा महिलाओं को उचित शिक्षा और आत्मनिर्भर होने की जरूरत है।
डीएवी ईस्ट जॉन की निर्देशक उर्मिला सिंह जी ने छात्रों को पॉक्सो एक्ट कानून की जानकारी दी। मंच संचालन तान्या कुनार ने किया। इस दौरान एक्सक्यूटिव मजिस्ट्रेट के के बेसरा, कॉलेज की प्रधानचार्य शकुंतला महतो, राष्ट्रीय संस्थापक डॉ आनंद शाही, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता, मानवाधिकार के प्रदेश अध्यक्ष मखन पाठक, पुंटू जी, मधु गुप्ता, संरक्षक अन्नू सिन्हा, जिला अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव, सीटू सिंह सलूजा, मधु चौधरी, मुबारक हुसैन, सौकत अली, मनोज सिंह, सूरज गुप्ता, गया प्रसाद, प्रियंका कुमारी सहित कई लोग मौजूद थे।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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