सविंधान ने महिला-पुरूष को समान अधिकार दिया है: शम्भू महतो
रघुनन्दन
द्वारपहरी(गिरिडीह): कानून की जानकारी प्राप्त करने के लिए कोई उम्र सीमा निर्धारित नहीं किया गया है। और जब तक इंसान चाहे वह महिला हो या पुरूष सविंधान के तहत दिए गए अधिकार को नहीं जानेगें तो लोग अधिकार से वंचित रह जाऐगें। उक्त बाते प्रथम श्रेणी न्याययीक दण्डाधिकारी शम्भू महतो ने रविवार को जिला विधिक सेवाएं प्राधिकार गिरिडीह के तत्वाधान में आयोजित 100 दिवसीय डोर टू डोर कैम्पन के दौरान सदर प्रखंड के पहाड़पुर पंचायत सचिवालय में आयोजित कानूनी जागरूकता सह साक्षरता शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा। उन्होनें कहा कि सवंधिान में हर महिला व पुरूष को समान अधिकार दिया गया है। साथ ही कहा कि कोई भी मनुष्य चाहे वह महिला हो या पुरूष न्याय से वंचित न रह पाए। इसके लिए सर्वोच्य न्यायालय द्वारा आप ग्रामीणों को शुलभ तरीके से निःशुल्क न्याय उपल्बध कराने के लिए आपके पंचायत में विधिक सहायता केन्द्र की स्थापना की गयी है।

जिससे दोनों की जिन्दगी नरक बन रही है। इसलिए ग्रामीणों को अगर अपने बच्चों की जिन्दगी को बचाना है तो लड़के की शादी 21 व लड़की की शादी 18 वर्ष में करे। जहाँ तक कानून की बात है तो बाल विवाह करते पकड़े जाने पर जेल भी जाना पड़ सकता है। बाल विवाह को रोकने के लिए हर पुलिस थाने व प्रखंड में नोडल पदाधिकारी की नियूक्ति किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान तीन आदिवासी विधवा महिलाओं को बकरी पालन के लिए चयन किया गया। कार्यक्रम को पीएलवी हीरा देवी ने परिवार कल्याण समिति के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया। वहीं मंच संचालन पीएलवी रघुनंदन कुमार मेहता ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुखिया पतिया मुर्मू, सहदेव राणा, शालिनी प्रिया, वजीर दास का सराहनिय योगदान रहा।
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