ट्विशा शर्मा मौत मामला: सीबीआई ने सास और पति को लेकर घटनास्थल पर किया सीन रीक्रिएट, खुल सकते हैं कई बड़े राज
80 किलो की डमी से घटनाक्रम को दोबारा समझने की कोशिश
ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने जांच तेज करते हुए घटनास्थल पर सीन रीक्रिएशन किया। रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को साथ लेकर टीम बंगले पहुंची और 80 किलो की डमी से घटनाक्रम का परीक्षण किया।
भोपाल: अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पांच दिनों की संयुक्त रिमांड मिलने के बाद सीबीआई की विशेष जांच टीम सोमवार सुबह रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को लेकर भोपाल स्थित घटनास्थल पहुंची, जहां फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में सीन रीक्रिएशन की प्रक्रिया शुरू की गई।
सीबीआई टीम ने बागमुगालिया स्थित बंगले में घटनाक्रम को दोबारा समझने के लिए ट्विशा के वजन के बराबर लगभग 80 किलोग्राम की डमी का इस्तेमाल किया। फंदे की ऊंचाई, शव को उतारने की प्रक्रिया और घटनास्थल की परिस्थितियों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है। जांच एजेंसी यह परखने का प्रयास कर रही है कि समर्थ सिंह द्वारा बताई गई घटनाओं की कहानी भौतिक तथ्यों से मेल खाती है या नहीं।
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फरारी को लेकर भी खुलासे
जांच में यह भी सामने आया है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद समर्थ सिंह तत्काल शहर नहीं छोड़ा था। डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बैंकिंग ट्रांजेक्शन के विश्लेषण से पता चला है कि वह कई दिनों तक भोपाल और बाद में जबलपुर में छिपा रहा। सीबीआई अब उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने इस दौरान उसे मदद पहुंचाई।
आत्महत्या या हत्या? यही सबसे बड़ा सवाल
सीबीआई फिलहाल दो प्रमुख पहलुओं पर जांच केंद्रित किए हुए है। पहला, यदि यह आत्महत्या थी तो उसके पीछे की परिस्थितियां क्या थीं। दूसरा, यदि यह हत्या है तो क्या घटनास्थल पर सबूतों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई थी। इसी दिशा में फॉरेंसिक और तकनीकी जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
