16 जून का इतिहास: जब वेलनटीना तेरेश्कोवा बनीं अंतरिक्ष में जाने वाली दुनिया की पहली महिला
1963 में वोस्टॉक-6 से उड़ान भरकर रचा था इतिहास, 71 घंटे अंतरिक्ष में रहकर की थीं 48 परिक्रमाएं
16 जून 1963 को सोवियत संघ की वेलनटीना तेरेश्कोवा अंतरिक्ष में जाने वाली दुनिया की पहली महिला बनी थीं।
नई दिल्ली: इतिहास के पन्नों में 16 जून का दिन मानव सभ्यता और अंतरिक्ष विज्ञान के लिए बेहद खास माना जाता है। इसी दिन वर्ष 1963 में सोवियत संघ की वेलनटीना तेरेश्कोवा अंतरिक्ष की यात्रा करने वाली दुनिया की पहली महिला बनी थीं। महज 26 वर्ष की उम्र में उन्होंने वोस्टॉक-6 अंतरिक्ष यान से उड़ान भरकर इतिहास रच दिया था।
तेरेश्कोवा ने करीब 71 घंटे अंतरिक्ष में बिताए और पृथ्वी की 48 परिक्रमाएं कीं। उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि उस दौर में आई जब अमेरिका और सोवियत संघ के बीच अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा चरम पर थी। 19 जून 1963 को उनका मिशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ और वे सुरक्षित पृथ्वी पर लौटीं। उनकी सफलता ने दुनिया भर की महिलाओं के लिए अंतरिक्ष के द्वार खोल दिए और उन्हें महिला सशक्तिकरण का वैश्विक प्रतीक बना दिया।
अंतरिक्ष में महिला शक्ति की पहली उड़ान

16 जून की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं
- 1606: गुरु अर्जुन देव का लाहौर में शहीदी दिवस।
- 1779: स्पेन ने ब्रिटेन के खिलाफ युद्ध शुरू किया।
- 1858: प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मोरार की लड़ाई।
- 1903: हेनरी फोर्ड ने फोर्ड मोटर कंपनी की स्थापना की।
- 1911: आईबीएम कंपनी की स्थापना।
- 1963: वेलनटीना तेरेश्कोवा अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला बनीं।
- 2007: सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने वाली महिला बनीं।
- 2012: चीन ने शेनझौ-9 अंतरिक्ष यान लॉन्च किया।
आज का महत्वपूर्ण अवसर

Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
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