#CitizenshipAmmendmentAct नागरिकता कानून के विरोध में आज देश में क्या कुछ, यहां जानें सारे अपडेट
उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नागरिकता कानून के विरोध के नाम पर उपद्रव कर रहे लोगों पर तेवर सख्त कर लिए हैं. योगी सरकार ने समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्ररहमान बर्क के खिलाफ केस दर्ज किया है. सूबे में अलग-अलग जगहों पर तीन हजार लोगों को हिरासत में लिया गया है. राजधानी लखनऊ में हिंसा के बाद 102 लोग हिरासत में लिए गए हैं, जबकि 31 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 20 जिलों में मोबाइल-इंटरनेट सेवा आज सस्पेंड कर दी गयी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हिंसा फैलानेवालों की पहचान कर ली गयी है और उनकी संपत्ति कुर्क कर नुकसान की भरपाई की जाएगी.
नागरिकता कानून के मुद्दे पर गुमराह करके लोगों को हिंसा के लिए प्रेरित करना देशद्रोही कृत्य है।
उपद्रवियों को चिन्हित कर लिया गया है। उपद्रवियों ने पब्लिक प्रॉपर्टी को जो भी नुकसान पहुँचाया है, हम उसकी वसूली उन उपद्रवियों की संपत्ति नीलाम करके करेंगें। pic.twitter.com/vSHlX7Id7E— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 19, 2019
कर्नाटक के गृहमंत्री बासवराज बोम्मई ने कहा है कि मेंगलुरू में हिंसा कुछ गद्दारों के कारण हुई है, जो पड़ोसी राज्य केरल के हैं. उन्होंने कहां कि वहां के कुछ लोग चार दिनों से उपद्रव की योजना बना रहे थे. उन्होंने कहा कि कुछ तत्व लोगों को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग मेंगलोर नार्थ पुलिस स्टेशन में आग लगाना चाहते थे, तभी पुलिस ने उन्हें गोली मार दी.
Karnataka Home Minister: Due to misinformation these protests are happening across the state. Some elements are misguiding. Some of the protesters were prepared to set ablaze Mangalore North police station it was then police shoot them. (19.12) https://t.co/g5nGzS8QyG
— ANI (@ANI) December 19, 2019
कर्नाटक में इंडियन इंस्टिट्यूट आफ साइंस के छात्रों ने संस्थान के परिसर में भारत के संविधान की प्रस्तावना को पढ कर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ अपना विरोध जताया है.
Karnataka: Students of Indian Institute of Science (IIS), Bengaluru read Preamble of the Constitution, at the campus, as protest against #CitizenshipAmendmentAct. pic.twitter.com/9IEWgVoUJ3
— ANI (@ANI) December 19, 2019
उत्तरप्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अश्विनी कुमार अवस्थी ने कहा है कि मोबाइल एवं इंटरनेट सर्विस और एसएमएस सेवा लखनऊ जिले में 21 दिसंबर को 12 बजे दोपहर तक सस्पेंड रहेगी. वहीं, पिलीभीत के डीएम वैभव श्रीवास्तव ने कहा है कि अगले 24 घंटे तक जिले में मोबाइल एवं इंटरनेट सेवा सस्पेंड रहेगी. यह आदेश 20 दिसंबर की मध्य रात्रि से प्रभावी हो गया है.
Additional Chief Secretary Home, Awanish Kumar Awasthi: Mobile internet services and SMS services to remain suspended in Lucknow district till 12 noon on December 21, Saturday. (File pic) pic.twitter.com/pyNHJuRMbb
— ANI UP (@ANINewsUP) December 19, 2019
नयी दिल्ली : नागरिकता संशोधन कानून पर नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विरोध लगातार तीखा होता जा रहा है. मोदी सरकार को अपने साढे पांच साल के कार्यकाल में इतना तीखा विरोध किसी मुद्दे पर इससे पहले नहीं झेलना पड़ रहा है. कल की व्यापक हिंसा के बाद आज लखनऊ सहित देश के विभिन्न शहरों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. वहीं, अधिनियम का विरोध कर रहे लोगों ने देश के प्रमुख शहरों में अपने विरोध-प्रदर्शन का शिड्यूल सोशल मीडिया पर जारी किया है. हम आपको इस स्टोरी में प्वाइंट के रूप में बताएंगे कि देश में आज नागरिकता कानून के विरोध में क्या कार्यक्रम है और सरकार-प्रशासन ऐहतियातन क्या कदम उठा रही है.




