US B-2 ने ईरान के तालेघन-2 पर GBU-57 बंकर बस्टर गिराए? सैटेलाइट तस्वीरों में दिखे 3 गड्ढे
नेशनल डेस्क: तेहरान से मिल रही ताजा खबरों ने दुनिया को हिला दिया है। सैटेलाइट तस्वीरों में ईरान के परचिन मिलिट्री कॉम्प्लेक्स के अंदर बने तालेघन-2 न्यूक्लियर साइट पर तीन विशाल गड्ढे साफ नजर आ रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये निशान अमेरिकी B-2 स्टील्थ बॉम्बर से दागे गए 30,000 पाउंड वजनी GBU-57 मासिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP) बंकर बस्टर बमों के हैं, जो जमीन के नीचे बने मजबूत ठिकानों को चूर करने में माहिर होते हैं।
US B-2 ने ईरान के तालेघन-2 पर GBU-57 बंकर बस्टर गिराए? सैटेलाइट तस्वीरों में 3 गड्ढे

वैंटोर लैब की आज जारी की गई तस्वीरें 11 मार्च 2026 की हैं, जिनमें साइट के ऊपर की मिट्टी की परत को चीरते हुए तीन सटीक इम्पैक्ट पॉइंट दिख रहे हैं। ये साइट पहले भी निशाने पर रही है – 2024 में इजरायली हमले में तबाह हुई थी, फिर ईरान ने इसे कंक्रीट की मोटी परत और ऊपर से मिट्टी डालकर दोबारा मजबूत बनाया। जनवरी 2026 तक ये 'सार्कोफैगस' जैसी सुरक्षा पा चुकी थी, लेकिन अब लगता है अमेरिका ने इसे फिर से नेस्तनाबूद कर दिया। तुलनात्मक तस्वीरें 14 नवंबर 2025 और 6 मार्च 2026 की भी शेयर की गई हैं, जहां 6 मार्च को परचिन के दूसरे हिस्सों पर हमला हुआ था लेकिन तालेघन-2 को छुआ नहीं गया।
तालेघन-2 का खास महत्व इसलिए है क्योंकि ये हाई एक्सप्लोसिव टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल होती रही है, जो न्यूक्लियर वेपन्स डिजाइन से जुड़े ट्रिगर सिस्टम बनाने में मदद करता है। इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी के मुताबिक, ईरान ने यहां न्यूक्लियर डिवाइस के लिए जरूरी एक्सप्लोसिव्स टेस्ट किए थे, हालांकि 2003 के बाद आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया। लेकिन हाल के सैटेलाइट डेटा से साफ है कि इसे दोबारा सक्रिय किया गया था। रूसी न्यूज एजेंसी RT ने भी इन तस्वीरों का हवाला देकर दावा किया है कि B-2 ने ही ये हमला बोला।
ये GBU-57 बम पहली बार पिछले साल जून 2025 में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान इस्तेमाल हुए थे, जब B-2 बॉम्बर्स ने फोर्डो और नतांज साइट्स पर 14 से ज्यादा MOP गिराए थे। एक B-2 दो ऐसे बम ले जा सकता है, और इनका इम्पैक्ट साइज ठीक वैसा ही दिख रहा है जैसा तालेघन-2 पर नजर आ रहा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) से पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन तस्वीरें खुद बोल रही हैं।![]()
ईरान ने हमले से पहले साइट को सील करने की पूरी कोशिश की थी – एंट्री गेट कंक्रीट से भरा, ऊपर मिट्टी की चादर। लेकिन ये बंकर बस्टर 100 फीट से ज्यादा मोटी कंक्रीट को भेद सकते हैं। अब सवाल ये है कि क्या ये अमेरिका-इजरायल का जॉइंट स्ट्राइक है, खासकर जब 28 फरवरी से ऐसे ऑपरेशन्स तेज हो गए हैं। IDF ने भी हाल ही में परचिन पर हमले की पुष्टि की है। दुनिया की नजरें अब तेहरान पर टिकी हैं।
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